भारत में जलवायु परिवर्तन (Climate Change) ने मौसम का पूर्वानुमान मुश्किल कर दिया है। अनुमान सुधारने के लिए मौसम विभाग ज्यादा संख्या में रडार और उच्च क्षमता की कंप्यूटिंग प्रणाली अपना रहा है। भारतीय मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने इस बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने देश में जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के मौसम पर असर, मानसून में बदलाव, पूर्वानुमानों के सही होने आदि विषयों पर चल रहे कामों के बारे में बताया।
महज 1 किमी में मौसम कैसा रहेगा, हम जान पाएंगे 2025 तक
भारत में पंचायत और शहरों में 1-1 किमी जितने क्षेत्र के लिए मौसम का पूर्वानुमान 2025 तक संभव हो जाएगा। विभाग अभी 12 किमी क्षेत्र का पूर्वानुमान मॉडल देता है, इसे 6 किमी और क्षेत्रीय स्तर पर 1 किमी किया जाएगा। यानी शहर के किसी मोहल्ले में कैसा मौसम होगा, यह भी हम जान पाएंगे।
मानसून : राजस्थान में बढ़ा, उत्तर, पूर्व, पूर्वोत्तर में घटा
जलवायु परिवर्तन से वातावरण में अस्थिरता आई है। भारी बारिश, तूफानी मौसम और बिजली गिरने जैसी घटनाएं बढ़ी हैं। अरब सागर से तूफान, पहाड़ों में 1 घंटे में 5 सेमी से ज्यादा बारिश यानी बादल फटना आदि भी बढ़े हैं। देश में औसत बारिश पर बड़ा असर नहीं हुआ, लेकिन पूर्व, उत्तर और पूर्वोत्तर हिस्सों में यह घटी है। वहीं पश्चिमी राजस्थान में बढ़ रही है।
पूर्वानुमानों में इतना सुधार आया
मौसम का पूर्वानुमान पांच साल में 40% और सही हुआ है। इसका फायदा लोगों की जान बचाने और आपदा के लिए पहले से बचाव व तैयारी में मिला है। चक्रवातों की सही जानकारी के लिए विश्व की कई एजेंसियां भारत को सराह रही हैं।
मध्य प्रदेश में बिजली गिरने से नौ की मौत
भोपाल। मध्य प्रदेश में पिछले 24 घंटों में बिजली गिरने से नौ लोगों की मौत हो गई और दो बच्चे झुलस गए। विदिशा से लगभग 45 किमी दूर आगासौद गांव में शनिवार शाम बिजली गिरने से गालू मालवीय, रामू, गुड्डा और प्रभु लाल की मौत हो गई।
वहीं, सतना के पोड़ी-पतौरा गांव में एक खेत में काम कर रहे तीन लोगों की बिजली गिरने से मौत हो गई, जबकि दो बच्चे बुरी तरह से झुलस गए। मृतकों में अंजना, राजकुमार और रामकुमार यादव शामिल हैं। वहीं, सतना के जतवाड़ा में बिजली गिरने से 65 वर्षीय एक महिला चंद्रा की मौत हो गई। इधर, गुना के भोरा गांव में बिजली गिरने से 45 वर्षीय महिला मनु अहिरवार की जान चली गई।