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Climate Change Alert: गांवों की तुलना में 29 फीसदी तेजी से गर्म हो रहे शहर, शोधकर्ताओं ने किया बड़ा दावा

Mon, 03 Oct 2022 11:00 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

यह शोध 2020 से 2021 के बीच दो हजार से अधिक शहरों के तापमान पर किया गया। शोध में बताया गया है कि ग्रामीण इलाकों की तुलना में शहर 29 फीसदी तेजी से गर्म हो रहे हैं। 
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गर्मी का सितम - फोटो : Social Media
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विस्तार
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गांव की तुलना में शहर तेजी से गर्म हो रहे हैं। यह धारणा अब तक सामान्य प्रवृत्ति में देखने-सुनने को मिलती थी। लेकिन विज्ञानियों ने अपने शोध के जरिए इसकी पुष्टि कर दी है। दरअसल चीन के नानजियांग विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं का प्रसिद्ध जर्नल कम्युनिकेशंस अर्थ एंड एनवायरनमेंट में एक शोध प्रकाशित हुआ है। 

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यह शोध 2020 से 2021 के बीच दो हजार से अधिक शहरों के तापमान पर किया गया। शोध में बताया गया है कि ग्रामीण इलाकों की तुलना में शहर 29 फीसदी तेजी से गर्म हो रहे हैं। 

इस शोध रिपोर्ट में बताया गया है कि दुनिया के हर शहर में प्रत्येक दस साल में औसतन 0.5 डिग्री सेल्सियस तापमान की वृद्धि हो रही है। दुनियाभर में जिस गति से शहरीकरण हुआ है, उससे जलवायु परिवर्तन के साथ-साथ धरती का तापमान और तेजी से बढ़ा है। 
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जलवायु परिवर्तन की समस्या को लेकर आम धारणा है कि पौधारोपण करने से इसे रोका जा सकता है। जबकि शोध में दावा किया गया है कि शहरों में हरियाली बढ़ाने से बढ़ते तापमान में दस साल में केवल 0.13 फसदी तक की कमी लाई जा रही है। शोद के मुताबिक, पौधारोपण के बावजूद हर दस साल में शहरों का तापमान 0.37 डिग्री सेल्सियस बढ़ता जा रहा है। 

इसमें बताया गया है कि ज्यातादर बड़े शहर 29 फीसदी से भी अधिक तेजी से गर्म हो रहे हैं। शहरों की गर्मी में तेजी का सबसे बड़ा कारण जलवायु परिवर्तन है। इस वजह से शहरों का हर दस साल में औसत 0.30 डिग्री सेल्सियस तापमान बढ़ रहा है। 

इस शोध में यह भी बताया गया है कि हरियाली से शहरों के तापमान में कमी होती है, लेकिन यह साफ नहीं है कि इससे अर्बन हीट आईसलैंड इफेक्ट में कितनी कमी आती है? अर्बन हीट आइसलैंड इफेक्ट उस प्रक्रिया को कहते हैं जिसमें ग्रामीण इलाकों की तुलना में लू शहवासियों को ज्यादा चपेट में लेती है। 

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