सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा, शीर्ष अदालत का उसके पूरी क्षमता के साथ काम करना एक नियमित विशेषता होनी चाहिए। सीजेआई ने साथ ही इन-हाउस थिंक टैंक सेंटर फॉर रिसर्च एंड प्लानिंग (सीआरपी) से भविष्य में सुप्रीम कोर्ट के जज के तौर पर चयन के लिए देश के शीर्ष 50 जजों का डाटा मांगा।
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जस्टिस राजेश बिंदल और जस्टिस अरविंद कुमार के शपथ ग्रहण के साथ ही इस साल 13 फरवरी को शीर्ष अदालत को सीजेआई समेत 34 जजों की पूरी ताकत मिल गई थी। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) के मंगलवार को आयोजित एक कार्यक्रम में सीजेआई ने कहा, मेरे मिशनों में से एक यह सुनिश्चित करना रहा है कि पूर्ण शक्ति वाला सुप्रीम कोर्ट कोई अपवाद नहीं है। बल्कि यह सुप्रीम कोर्ट की एक नियमित विशेषता है। कॉलेजियम के सुप्रीम कोर्ट में एक भी पद को खाली रखने का कोई औचित्य या कारण नहीं है और भविष्य के लिए भी यही मेरा मिशन होगा।