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सीजेआई रमना बोले: कानून का शासन और मध्यस्थता एक दूसरे के खिलाफ नहीं, मजबूत संस्थाओं का निर्माण जरूरी

Sat, 19 Mar 2022 07:18 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मुख्य न्यायाधीश एन वी रमन्ना दुबई में 'वैश्वीकरण के युग में मध्यस्थता' विषय पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के चौथे संस्करण में शामिल हुए। यहां उन्होंने कहा कि कानून का शासन और मध्यस्थता एक दूसरे के साथ संघर्ष में नहीं हैं। 
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सीजेआई एनवी रमना - फोटो : ANI
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विस्तार
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मुख्य न्यायाधीश एन वी रमन्ना दुबई में 'वैश्वीकरण के युग में मध्यस्थता' विषय पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के चौथे संस्करण में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि मध्यस्थता वैश्विक दुनिया के लिए सबसे उपयुक्त विवाद समाधान तंत्र है और तत्काल राहत देने के लिए समयबद्ध प्रक्रिया है।गौरतलब है कि भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमन्ना दो दिन के दुबई और अबू धाबी दौरे पर हैं। उनके साथ सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, एल नागेश्वर राव, हिमा कोहली और यूएई में भारतीय राजदूत संजय सुधीर भी हैं।

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इस दौरान उन्होंने कहा कि वैश्वीकृत दुनिया में विश्वास केवल कानून के शासन पर जोर देने वाली संस्थाओं के निर्माण से ही बनाया जा सकता है। कानून का शासन और मध्यस्थता एक दूसरे के साथ संघर्ष में नहीं हैं। मध्यस्थता और न्यायिक निर्णय दोनों का उद्देश्य न्याय ही है।  भारतीय अदालतें अपने मध्यस्थता समर्थक रुख के लिए जानी जाती हैं। भारत में न्यायालय मध्यस्थता का समर्थन करते हैं। सीजेआई ने यहां कहा कि भारतीय संसद द्वारा अधिनियमित न्यायालय अधिनियम ने वाणिज्यिक मामलों में न्याय को और अधिक सुव्यवस्थित और त्वरित गति प्रदान की है।

अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि मध्यस्थता के प्रभावी और सफल होने के लिए इस मुद्दे पर विस्तृत विचार-विमर्श करने का समय आ गया है। मैं पैनलिस्टों से चर्चा करने और नए विचारों और संभावित समाधानों के साथ आने का अनुरोध करता हूं। CJI ने कहा कि वाणिज्यिक दुनिया को उनके विवादों का त्वरित और प्रभावी समाधान प्रदान करने के लिए पूरे भारत में कई अंतरराष्ट्रीय विवाद समाधान संस्थान स्थापित किए जा रहे हैं।
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इस दौरान उन्होंने बताया कि तेलंगाना के हैदराबाद में एक अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र की स्थापना की गई है। उन्होंने आगे बताया कि भारत सरकार ने गुजरात में एक मध्यस्थता केंद्र स्थापित करने के लिए नवीनतम बजट में प्रावधान किया है। सीजेआई ने आशा जताते हुए कहा कि मेरा दृढ़ विश्वास है कि ऐसे नए केंद्र स्थापित करने की बहुत संभावनाएं हैं। बढ़ती मांगों को पूरा करने के लिए इन संस्थाओं को प्रतिस्पर्धा के बजाय सहयोग करना होगा।

सीजेआई रमना ने आशा व्यक्त की कि दुबई अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र और भारत में अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र सहयोग करेंगे और जानकारी और ज्ञान साझा करेंगे।

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