भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) एनवी रमण ने शुक्रवार को कहा कि देश की विभिन्न हाईकोर्ट में एक साल से कम समय में 126 रिक्त न्यायिक पदों पर भर्तियां की गई हैं। दिल्ली में हुए एक सम्मेलन में सीजेआई ने कहा कि अभी 50 और ऐसी नियुक्तियां होने की उम्मीद है।
सीजेआई देश के विभिन्न हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों के 39वें सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे थे। यह सम्मेलन छह साल बाद हुआ है। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन का मकसद उन समस्याओं की पहचान करना और उन पर चर्चा करना है जो न्याय के प्रशासन को प्रभावित कर रही हैं।
रिक्तियों का मुद्दा उठाते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि हमारे सामूहिक प्रयासों के परिणामस्वरूप हमने एक साल से भी कम समय में विभिन्न हाईकोर्ट में 126 खाली पदों पर भर्तियां की हैं। इस उपलब्धि को प्राप्त करना सबके सहयोग और प्रतिबद्धता की वजह से ही संभव हो पाया है।
सीजेआई एनवी रमण ने उन हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों से ,जहां अभी भी खाली पद बचे हुए हैं, अनुरोध किया कि इन पदों पर भर्ती के लिए जल्द से जल्द नाम भेजें। उन्होंने कुछ हाईकोर्ट की प्रतिक्रियाओं की भी सराहना की और इसे बहुत अधिक उत्साहजनक करार दिया।
उन्होंने कहा, 'पिछले एक साल में सुप्रीम कोर्ट को नौ न्यायाधीश मिले हैं और विभिन्न हाईकोर्ट में 10 नए मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति हुई है। मैं कोलेजियम में अपने साथियों को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद कहता हूं।' उन्होंने न्यायिक व्यवस्था की मजबूती पर भी जोर दिया।
न्यायमूर्ति रमण ने कहा, ‘मैं रिक्तियों का मुद्दा उठाना चाहूंगा। आप याद कर सकते हैं कि मेरी आपसे पहली चर्चा में रिक्तियों को भरने पर बात हुई थी। मैंने आप सभी से पहली ऑनलाइन बातचीत के दौरान अनुरोध किया था कि आप उच्च न्यायालयों में पदस्थापन के लिए नामों की अनुशंसा करने में तेजी लाएं, जिसमें सामाजिक विविधता पर जोर हो....।’
इस सम्मेलन में भारत भर में न्यायालय परिसरों में आईटी बुनियादी ढांचे और संपर्क को मजबूत करने के मुद्दे पर चर्चा होगी। बैठक में मानव संसाधन, कार्मिक नीति और जिला अदालतों की जरूरतों के मुद्दे पर भी चर्चा की जाएगी। इसमें सुप्रीम कोर्ट के दो वरिष्ठतम न्यायाधीश उदय उमेश ललित और एएम खानविलकर भाग ले रहे हैं।