सुप्रीम कोर्ट के एक पुराने फैसले का हवाला देते हुए जस्टिस गवई ने कहा कि किसी भी कानून या संविधान की व्याख्या वर्तमान पीढ़ी के सामने आने वाली समस्याओं के संदर्भ में की जानी चाहिए। व्याख्या व्यावहारिक होनी चाहिए और साथ ही समाज की आवश्यकताओं के अनुरूप होनी चाहिए।
भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) बीआर गवई ने कहा कि कानून या संविधान की व्याख्या व्यावहारिक और लोगों की जरूरतों के अनुरूप होना चाहिए। जजों की नियुक्ति पर उन्होंने कहा कि इसमें किसी भी कीमत पर न्यायपालिका की स्वतंत्रता से समझौता नहीं किया जाएगा। सीजेआई शनिवार को यहां उनके सम्मान में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे।
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सीजेआई ने कहा कि हाल ही में उन्हें कुछ सहकर्मियों के असभ्य व्यवहार के बारे में शिकायतें मिली थीं। उन्होंने न्यायाधीशों से संस्थान की प्रतिष्ठा की रक्षा करने का आग्रह किया। सुप्रीम कोर्ट के एक पुराने फैसले का हवाला देते हुए जस्टिस गवई ने कहा कि किसी भी कानून या संविधान की व्याख्या वर्तमान पीढ़ी के सामने आने वाली समस्याओं के संदर्भ में की जानी चाहिए। व्याख्या व्यावहारिक होनी चाहिए और साथ ही समाज की आवश्यकताओं के अनुरूप होनी चाहिए।
जस्टिस गवई ने कहा कि न्यायाधीशों से अपेक्षा की जाती है कि वह अपने विवेक, पद की शपथ और कानून के अनुसार काम करें, लेकिन एक बार फैसला हो जाने के बाद उन्हें कभी परेशान नहीं होना चाहिए। फैसला हो जाने के बाद न्यायाधीश को मामले से अपना ध्यान हटा लेना चाहिए और भूल जाना चाहिए कि उसके बाद क्या हुआ।
कॉलेजियम योग्यता सुनिश्चित करता है
जजों की नियुक्ति के बारे में बात करते हुए सीजेआई ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट में नियुक्तियां करते समय कॉलेजियम यह सुनिश्चित करता है कि योग्यता के साथ ही विधिवता और समावेशिता बनी रहे। बॉम्बे हाईकोर्ट की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि जब लोग उसके निर्णयों की सराहना करते हैं तो उन्हें गर्व महसूस होता है। सीजेआई ने एक समय बॉम्बे हाईकोर्ट में वकील और न्यायाधीश के रूप में काम किया था।
जज होना नौकरी नहीं, समाज की सेवा न्यायाधीशों से अच्छे बर्ताव का आग्रह करते हुए सीजेआई ने कहा कि जज बनना कोई 10 से 5 बजे की नौकरी नहीं है, यह समाज और देश की सेवा करने का अवसर है। उन्होंने न्यायाधीशों से अपनी शपथ और प्रतिबद्धता के प्रति सच्चे रहने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, कृपया ऐसा कुछ न करें जिससे इस प्रतिष्ठित संस्थान की छवि खराब हो।