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Commission Issue: पीएम मोदी को पत्र लिखकर की थी अधिकारियों द्वारा कमीशन मांगने की शिकायत, ठेकेदार पर दर्ज हुआ मुकदमा

Sun, 15 May 2022 06:42 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरू

सार

सरकारी परियोजनाओं में 40 प्रतिशत कमीशन की मांग करने वाले सरकारी अधिकारियों के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखने वाले सिविल ठेकेदार के खिलाफ गंगावती ग्रामीण पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। उन पर आईपीसी की धारा 406 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
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कर्नाटक पुलिस (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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कर्नाटक के कटक जिले के कोप्पल में सरकारी परियोजनाओं में 40 प्रतिशत कमीशन की मांग करने वाले सरकारी अधिकारियों के खिलाफ एक ठेकेदार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था। अब इस सिविल ठेकेदार के खिलाफ गंगावती ग्रामीण पुलिस ने कथित आपराधिक विश्वास उल्लंघन का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने 6 मई को करातगी तालुक पंचायत के कार्यकारी अधिकारी डी मोहन की शिकायत के आधार पर ठेकेदार येरिस्वामी कुंतोजी के खिलाफ आईपीसी की धारा 406 के तहत मामला दर्ज किया था। यह बात हाल ही में सामने आई है।

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शिकायत में डी मोहन का कहना है कि कथित अनियमितताएं 17 अप्रैल, 2021 से 17 जून, 2021 तक की गई हैं। उन्होंने बताया कि येरिस्वामी के स्वामित्व वाले विजयलक्ष्मी एंटरप्राइजेज को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत मुस्तूर गांव में ठोस अपशिष्ट निपटान यूनिट के लिए सामग्री की आपूर्ति करने का काम सौंपा गया था। गांव के तकनीकी सहायक विष्णु कुमार नाइक को काम की गुणवत्ता की निगरानी करनी थी। उन्होंने अपनी शिकायत में कहा कि ठेकेदार येरिस्वामी ने कथित तौर पर ऑनलाइन पेमेंट के जरिए काम पर निगरानी रखने वाले तकनीकी सहायक नाइक को कुछ रुपये घूस के नाम पर दिए। इस आरोप में सिविल ठेकेदार येरिस्वामी पर मुकदमा दर्ज किया गया है।

गौरतलब है कि सिविल ठेकेदार येरिस्वामी 3 मई को अधिकारियों के पैसे मांगने के खिलाफ मीडिया के पास गए थे। तब उन्होंने बताया था कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अधिकारियों के खिलाफ शिकायत की है। उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने उनके द्वारा किए गए सार्वजनिक कार्यों पर 40 प्रतिशत कमीशन का भुगतान करने के लिए कहा है।
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येरिस्वामी के अनुसार, उन्होंने 15 लाख रुपये की सामग्री की आपूर्ति की थी और उन्हें अब तक 4.8 लाख रुपये मिले थे जबकि बाकी का भुगतान नहीं किया गया था। ठेकेदार ने कहा कि उसने सामग्री की आपूर्ति की थी जिसके एवज में उसे कुछ राशि ऑनलाइन पेमेंट के जरिए मिली थी, बाकी राशि का पेमेंट नहीं किया गया है।

उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत के पूर्व निर्वाचित निकाय ने उन्हें कार्य सौंपा था। इसके बाद नए निर्वाचित निकाय के कार्यभार संभालने के बाद अधिकारियों ने उनसे 40 प्रतिशत कमीशन की मांग कर दी। इस पर उन्होंने काम को अच्छे तरीके से कराने और कमीशन न देने की बात कही थी। येरिस्वामी ने बताया कि शुरू में तो सभी मान गए, लेकिन बाद में उनका रवैया बदल गया और उन्होंने कमीशन की मांग कर दी। येरिस्वामी ने कहा, इतना ही नहीं अधिकारियों ने मुझे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी। जब मुझे भुगतान नहीं मिला, तो मैंने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा।

प्राथमिकी दर्ज होने के बाद उन्होंने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई, तत्कालीन ग्रामीण विकास और पंचायत राज मंत्री के एस ईश्वरप्पा और कालाबुरागी के क्षेत्रीय आयुक्त को भी इस बारे में पत्र लिखा था। फिर भी उन पर आईपीसी की धारा 406 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

गौरतलब है कि 12 अप्रैल को बेलगावी जिले के एक सिविल ठेकेदार संतोष के पाटिल ने उडुपी के एक होटल में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में पंचायत राज मंत्री ईश्वरप्पा पर 40 प्रतिशत कमीशन की मांग करने का आरोप लगाया गया था। इस घटना के बाद ईश्वरप्पा ने यह कहते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था कि वह जांच के बाद निर्दोष साबित होंगे।

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