केंद्र सरकार ने निजी विमानन कंपनियों को ‘वंदे भारत मिशन’ के तहत 750 उड़ानों की अनुमति दी है। इनमें से 40 उड़ानों की घोषणा की गई है। इसके अलावा विदेशों में फंसे भारतीयों की वापसी के लिए सरकार किराए में बदलाव पर भी सरकार विचार कर रही है।
नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शनिवार को कहा कि विदेशों में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए शुरू किए गए वंदे भारत मिशन के चौथे चरण में किराए में बदलाव पर भी सरकार विचार कर रही है। मिशन के तीसरे और चौथे चरण एयर इंडिया को 300 अतिरिक्त उड़ानों की अनुमति दी गई है।
पुरी ने यह भी बताया कि हवाई यात्रा पर किराए की तय की गई अधिकतम और न्यूनतम सीमा को 24 अगस्त के बाद भी बढ़ाया जा सकता है। वंदे भारत मिशन का चौथा चरण दो जुलाई से शुरू होना है। पुरी ने कहा कि चौथे चरण में खाड़ी देशों से आने का किराया 13 हजार रुपये रखा गया है, जो सामान्य स्थिति में किराये से भी कम है। हालांकि इसमें वृद्धि हो सकती है।
अमेरिका और कनाडा से आने के लिए किराया तकरीबन एक लाख रुपये तय किया गया है। मिशन की शुरुआत छह मई को की गई थी। पहले दो चरणों में सिर्फ एयर इंडिया और उसकी इकाई एयर इंडिया एक्सप्रेस ने उड़ानों का परिचालन किया था। तीसरे चरण में 18 जून तक विस्तारा, इंडिगो और गोएयर ने भी दो-दो उड़ानों का संचालन किया था।
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का शुरू होना संबंधित देशों के निर्णय पर निर्भर है। दो महीने की पाबंदी के बाद सरकार ने पहले से मंजूर घरेलू उड़ानों की एक-तिहाई उड़ानों को अनुमति दी है, लेकिन अभी सिर्फ 25 फीसदी उड़ानें ही टेकऑफ कर रही हैं। जुलाई के मध्य तक यह आंकड़ा 50-55 फीसदी और साल के अंत तक पिछले साल के स्तर को छूने की उम्मीद है।