शिवसेना विधायक शाहजीबापू पाटिल।
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महाराष्ट्र के सोलापुर जिले से शिवसेना के विधायक ने अपनी ही पार्टी के नेतृत्व वाले महाविकास अघाड़ी गठबंधन पर निशाना साधा है। विधायक शाहजीबापू पाटिल ने रविवार को पंढरपुर में एक जनसभा में कहा कि महाराष्ट्र सरकार में वरिष्ठ विधायकों को भी मंत्रीपद नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने अपने विधायक बनने के पीछे भी भाजपा और छोटी पार्टियों को वजह बताया।
क्या रहा शिवसेना विधायक का पूरा बयान?
शिवसेना विधायक ने दावा किया कि वे 2019 का चुनाव इसीलिए जीत पाए, क्योंकि उन्हें भाजपा, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और कई छोटी पार्टियों का समर्थन मिला था। उन्होंने आगे मंत्रीपद के लिए वरिष्ठ नेताओं को तवज्जो न देने का मुद्दा उठाया और राकांपा नेता बबन शिंदे का उदाहरण देते हुए कहा कि महाविकास अघाड़ी सरकार में उन्हें तक कोई पद नहीं मिला। पाटिल ने कहा कि उन्हें कोई मंत्रालय नहीं मिला और पार्टी की ओर से चुप रहने के निर्देश दिए गए।
शिवसेना नेता ने कहा कि तहसील में शिवसेना के सिर्फ 1100 वोट हैं। इसके बावजूद मैं विधायक बना, क्योंकि भाजपा, राकांपा और बाकी पार्टियों ने मेरा समर्थन किया। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस के गठबंधन वाली महाविकास अघाड़ी की सरकार है। लेकिन तीनों ही पार्टी के नेता कई मौकों पर एक-दूसरे के विरोध में बयान देते नजर आ जाते हैं।
खुद को मंत्री न बनाए जाने पर पाटिल ने कहा, "ये समझा जा सकता है कि मैं पार्टी में काफी नया हूं। लेकिन राकांपा में बबनराव शिंदे जैसे नेता हैं, जो लगातार 30 साल से चुनाव जीत रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई मंत्रीपद नहीं मिल रहा है।"