राजनीतिक पार्टियां चलती कैसे हैं? उनका खर्च और चंदा कहां से आता है? आंतरिक चुनावों की क्या प्रक्रिया होती है? इन तमाम सवालों को लेकर देश के 6 राजनीतिक दलों से आरटीआई के तहत जानकारी मांगी गई थी। लेकिन पार्टियों की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। जानकारी उपलब्ध न कराने पर केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने इन पार्टियों के शीर्ष नेताओं को नोटिस भेजा है। आयोग ने राजनाथ सिंह, सोनिया गांधी, मायावती, प्रकाश करात, शरद पवार और सुधाकर रेड्डी को सीआईसी की पीठ के समक्ष 22 जुलाई को हाजिर होने के लिए कहा है।
आयोग ने 2013 में बीजेपी, कांग्रेस, बीएसपी, एनसीपी, सीपीएम और सीपीआई आरटीआई कानून के तहत जवाबदेह घोषित किया था। शिकायतकर्ता आरके जैन ने 2014 में इन पार्टियों से इनके चंदे और आंतरिक चुनावों के लेकर जानकारी मांगी थी। जानकारियां नहीं मिलने पर जैन ने सीआईसी में शिकायत दर्ज कराई। लेकिन इन नेताओं को नोटिस तब जारी हुआ, जब सीआईसी के रजिस्ट्रार पर आरोप लगा कि उन्होंने पार्टियों के खिलाफ की गई शिकायतों पर दोहरा मापदंड पर अपनाया।