ईडी की तरफ से जून 2016 में दाखिल चार्जशीट के मुताबिक, मिशेल पर अगस्ता-वेस्टलैंड कंपनी से करीब 30 मिलियन यूरो यानी 225 करोड़ रुपये लेने का आरोप है। यह पैसा कंपनी की तरफ से 12 हेलीकॉप्टरों के खरीद सौदे को अपने पक्ष में कराने के लिए दिया गया था।
ईडी की जांच में पाया गया कि अगस्ता-वेस्टलैंड से भ्रष्टाचार के लिए मिले पैसे को मिशेल ने अपनी दुबई स्थित कंपनी ग्लोबल सर्विसेज से दिल्ली में दो भारतीयों के साथ मिलकर बनाई मीडिया कंपनी को भेज दिया था, जिसे इस मामले में आगे गड़बड़ी के लिए उपयोग किया गया। ईडी और सीबीआई ने अदालत की तरफ से उसका गैर जमानती वारंट जारी किए जाने के बाद इंटरपोल से रेड कार्नर नोटिस जारी कराया था।
जनवरी 2014 में सरकार ने खारिज की थी डील
केंद्र सरकार ने 1 जनवरी, 2014 को इटली स्थित फिनमैकेनिका कंपनी की ब्रिटिश सहयोगी फर्म अगस्ता-वेस्टलैंड के साथ भारतीय वायुसेना के लिए 12 एडब्ल्यू-101 वीवीआईपी हेलीकॉप्टरों की डील रद्द कर दी थी। भारत ने इसके लिए कंपनी पर सौदा पक्का करने के बदले 423 करोड़ रुपये की रिश्वत देने और अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था।
इतनी रकम की हुई गड़बड़ी
3600 करोड़ रुपये में हुआ था 12 हेलीकॉप्टर की खरीद का सौदा