केंद्रीय मंत्री और लोजपा (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर की तारीफ की है। उन्होंने प्रशांत किशोर की ईमानदारी और जातिविहीन सोच को सराहना की है। वहीं, उन्होंने एसआईआर को लेकर विपक्ष पर झूठा प्रचार करने का आरोप लगाया और संसद में खुले संवाद की वकालत की।
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री चिराग पासवान ने बिहार की राजनीति में सक्रिय जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर की सराहना की है। उन्होंने कहा कि 'प्रशांत किशोर एक ईमानदार और साफ-सुथरी सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उनका नजरिया जाति की राजनीति से ऊपर है, जो बिहार जैसे राज्य में बदलाव की दिशा में अहम है।'
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इस दौरान उन्होंने विपक्षी दलों पर बिहार में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर झूठा नैरेटिव फैलाने और लोगों में डर पैदा करने का आरोप लगाया। साथ ही, उन्होंने चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर की निष्पक्ष भूमिका और जातिनिरपेक्ष दृष्टिकोण की खुले शब्दों में सराहना की।
विपक्ष को घेरा, कहा- एसआईआर पर राजनीति बंद करें
चिराग पासवान ने कहा कि कांग्रेस समेत विपक्षी दल चुनाव आयोग की इस प्रक्रिया पर राजनीति कर रहे हैं, जबकि खुद उन्हीं ने पहले वोटर लिस्ट में गड़बड़ी की शिकायतें की थीं। उन्होंने कहा, 'जब आयोग कार्रवाई कर रहा है, तो अब विपक्ष को फिर आपत्ति है। ये लोग जनता को डरा कर वोट बटोरना चाहते हैं।' उन्होंने साफ किया कि एसआईआर एक नियमित प्रक्रिया है, जिससे वोटर लिस्ट की शुद्धता सुनिश्चित होती है, और इससे किसी को डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने विपक्ष से संसद चलने देने और मुद्दों पर खुली बहस की अपील की।
एनडीए में सीट बंटवारे पर विचार-विमर्श बाकी
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर चिराग ने कहा कि अभी बीजेपी, जेडीयू और अन्य सहयोगी दलों के साथ सीट बंटवारे की बातचीत शुरू नहीं हुई है। अपने पहले दिए बयान एलजेपी सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ेगी- पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा, 'मैंने ये एनडीए की जीत सुनिश्चित करने के नजरिए से कहा था। हमारा लक्ष्य गठबंधन को मजबूती देना है।'
उपराष्ट्रपति चुनाव पर बोले- सहमति से होगा फैसला
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे पर उन्होंने कहा कि यह उनका व्यक्तिगत निर्णय है और इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 'एनडीए के सभी घटक दल मिलकर सहमति से अगला उपराष्ट्रपति चुनेंगे।'