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Wang Yi India Visit: 'शांति-सौहार्द बनाए रखने पर सहमति'; चीनी समकक्ष के साथ बैठक में बोले विदेश मंत्री जयशंकर

Mon, 18 Aug 2025 06:21 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत पहुंचे चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने अपने समकक्ष डॉ. एस जयशंकर से मुलाकात की। डॉ. एस जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई प्रमुख प्राथमिकता है। संबंधों में एक कठिन दौर देखने के बाद दोनों राष्ट्र अब आगे बढ़ना चाहते हैं। इसके लिए मजबूत प्रयास की जरूरत है। 
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विदेश मंत्री एस जयशंकर की चीनी समकक्ष के साथ बैठक। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारत दौरे पर आए चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने सोमवार को विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने सीमा विवाद, द्विपक्षीय संबंधों को लेकर चर्चा की। विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा कि दोनों देश रिश्तों के खराब दौर से गुजरें हैं, लेकिन अब भारत-चीन आगे बढ़ना चाहते हैं। वहीं चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि  हमने सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और सौहार्द बनाए रखा है। वांग यहां पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल से भी मुलाकात करेंगे। 
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आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई प्राथमिकता: जयशंकर
चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ बैठक में विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों के खिलाफ लड़ाई प्रमुख प्राथमिकता है। मैं हमारे विचारों के आदान-प्रदान की प्रतीक्षा कर रहा हूं। कुल मिलाकर उम्मीद है कि हमारी चर्चा भारत और चीन के बीच एक स्थिर, सहयोगात्मक और दूरदर्शी संबंध बनाने में योगदान देगी। जो हमारे हितों की पूर्ति करेगा और हमारी चिंताओं का समाधान करेगा। आप चीन में होने वाले एससीओ शिखर सम्मेलन से ठीक पहले भारत आएं हैं। हमने इसकी अध्यक्षता के दौरान चीनी पक्ष के साथ मिलकर काम किया है। हम आपके लिए अच्छे परिणामों और निर्णयों के साथ एक सफल शिखर सम्मेलन की कामना करते हैं। 
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वांग यी और एस जयशंकर। - फोटो : PTI

चीन के विदेश मंत्री के साथ बैठक। - फोटो : PTI
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वांग यी से मुलाकात करते विदेश मंत्री एस जयशंकर। - फोटो : PTI

इससे पहले चीन के विदेश मंत्री वांग यी का भारत पहुंचने पर दिल्ली एयरपोर्ट पर स्वागत किया गया। विदेश मंत्री वांग यी की यात्रा पर चीन ने कहा कि उनकी भारत यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच बनी सहमति और पिछले दौर की सीमा वार्ता के दौरान लिए गए फैसलों पर मिलकर काम करना है।  चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि वांग की यात्रा के माध्यम से चीन भारत के साथ मिलकर काम करने की उम्मीद करता है ताकि नेताओं के बीच बनी महत्वपूर्ण आम सहमति को साकार किया जा सके। उच्च स्तरीय आदान-प्रदान को कायम रखा जा सके। राजनीतिक विश्वास को बढ़ाया जा सके। व्यावहारिक सहयोग को बढ़ावा दिया जा सके। मतभेदों को उचित तरीके से निपटाया जा सके और चीन-भारत संबंधों के सतत, सुदृढ़ और स्थिर विकास को बढ़ावा दिया जा सके।

उन्होंने कहा कि भारत-चीन सीमा प्रश्न पर विशेष प्रतिनिधि स्तर की वार्ता दोनों देशों के बीच सीमा वार्ता के लिए एक उच्च स्तरीय चैनल है। बीजिंग में 23वें दौर की वार्ता के दौरान दोनों पक्षों ने परिसीमन, वार्ता, सीमा प्रबंधन तंत्र, सीमा पार आदान-प्रदान और सहयोग पर कई आम सहमतियां हासिल कीं। इस साल की शुरुआत से ही दोनों पक्षों ने राजनयिक माध्यमों से संवाद बनाए रखा है तथा उन परिणामों के कार्यान्वयन को सक्रियता से आगे बढ़ाया है।

उन्होंने कहा कि आगामी वार्ता के लिए चीन मौजूदा सहमति के आधार पर और सकारात्मक एवं रचनात्मक रुख के साथ भारत के साथ गहन संवाद जारी रखने और सीमावर्ती क्षेत्रों में निरंतर शांति बनाए रखने के लिए तैयार है। चीन भारत के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक है, सबसे पहले जो सहमति बनी है उसका पालन किया जाएगा और उसके आधार पर सीमा क्षेत्र में स्थिरता और शांति बनाए रखने के लिए संवाद जारी रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत में वांग यी विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ द्विपक्षीय संबंधों और आपसी हितों के मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श करेंगे।

वांग यी के भारत दौरे का समय बेहद अहम
वांग यी का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब रूस से तेल खरीदने के लिए अमेरिका ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया है। भारत ने ट्रंप प्रशासन के इस फैसले की आलोचना की और भारी-भरकम टैरिफ को अन्यायपूर्ण बताया। अमेरिका के टैरिफ के एलान के तुरंत बाद भारतीय एनएसए अजीत डोभाल ने रूस का दौरा किया। इसके बाद डोभाल ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी को सीमा विवाद पर बातचीत के लिए भारत आने का निमंत्रण दिया, जिसे वांग यी ने स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के वार्षिक बैठक में भाग लेने के लिए चीन दौरे पर जाएंगे। चीन 31 अगस्त से 1 सितंबर तक तियानजिन में एससीओ शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा।

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