चीनी विदेश मंत्री ने अचानक काबुल पहुंच सबको चौंकाया
इससे पहले चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने बृहस्पतिवार को अचानक काबुल पहुंचकर सबको चौंका दिया था। वह अफगानिस्तान के तालिबान शासकों से मिलने के लिए काबुल पहुंचे। हालांकि, कक्षा छह से ऊपर की लड़कियों के लिए स्कूल खोलने का वादा तोड़ने जैसे रूढ़िवादी कदम को लेकर एक दिन पहले ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने तालिबान शासन पर नाराजगी जताई थी।
बख्तर समाचार एजेंसी ने एलान किया कि वांग यी विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के लिए तालिबान के नेताओं से मिलेंगे। राजनीतिक संबंध, आर्थिक मामले और आपसी सहयोग के मुद्दों पर वह चर्चा करेंगे। चीन ने अब तक तालिबान को मान्यता देने का कोई संकेत नहीं दिया है। स्कूल जाने और काम करने के लिहाज से महिलाओं के प्रति दमनकारी नीति के बावजूद चीन ने तालिबान शासकों की आलोचना करने से भी परहेज ही किया है। अफगानिस्तान का अब तक दौरा करने वाले शीर्ष स्तर के चुनिंदा नेताओं में अब वांग भी शामिल हो गए हैं। चीन ने भले ही तालिबान को मान्यता न दी हो, लेकिन वह उससे लगातार संपर्क में है।
चीन के अफगानिस्तान में कई हित
चीन के अफगानिस्तान में खनन व आर्थिक हित हैं। तालिबान व चीनी अफसरों की वार्ता से अवगत अफगान सूत्रों के मुताबिक चीन तालिबान शासकों से आश्वासन चाहता है कि वह चीन के उइघर विद्रोहियों को अपने यहां से अभियान चलाने की अनुमति नहीं देंगे। खबरें हैं कि उइघर के ‘पूर्वी तुर्किस्तान आंदोलन’ के सदस्य, जो उत्तर पश्चिम चीन में स्वतंत्र देश की मांग कर रहे हैं, अफगानिस्तान में मौजूद हैं।