डोकलाम विवाद पर भारत-चीन की सेना एक दूसरे पर बंदूक ताने खड़ी हैं। दोनों ही पीछे हटने का नाम ही नहीं ले रही है। चीन, भारत पर लगातार दवाब बनाता जा रहा है। इस कड़ी में वो अपनी सेना का बखान भी कर रहा है और चीनी मीडिया के जरिए आए दिन नई-नई धमकी देता नजर आ रहा है।
लेकिन, भारत का कहना है कि चीन युद्ध छेड़कर कोई रिस्क नहीं लेना चाहता है और न ही वो किसी छोटे सैन्य ऑपरेशन की तैयारी में है। भारतीय सुरक्षा प्रतिष्ठानों के मुताबिक, दोनों ही देश डोकलाम से प्रतिष्ठा बचाने के लिए अपनी-अपनी सेना हटा लें तो ही बेहतर होगा।
सूत्रों का ये भी कहना है कि भारत चीन के युद्ध के हर सवाल का जवाब देने को तैयार है इसके लिए भारतीय सेना अपनी पूरी फॉर्म में है। बता दें कि डोकलाम विवाद को करीब दो महीने होने वाले हैं। इस बीच दोनों देशों में युद्ध की बजाय कई बार जुबानी जंग भी हुई।
वहीं, इस विवाद पर भारत का साफ कहना है कि डोकलाम विवाद का हल जंग नहीं है। यहां तक कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भी संसद में कह चुकी हैं कि द्विपक्षीय वार्ता, धैर्य और भाषा का संयम ही इस विवाद का निपटारा कर सकता है।
इन दो महीनों के बीच भारत ने चीन की सड़क निर्माण बनाने की योजना पर पानी फेर दिया है जिसके चलते दोनों पड़ोसी देश में तनाव और ज्यादा गहरात चला गया।