भारतीय सेना की स्पांगुर लेक, स्पांगुर गैप में बढ़त के बाद चीन भौचक्का सा रह गया है। सैन्य मुख्यालय के सूत्र बताते हैं कि चीन को भारतीय सेना की पैंगोंग के किनारे की यह रणनीतिक बढ़त हजम नहीं हो रही है। बताते हैं भारतीय सेना इस एक आक्रामक, दुरुह सैन्य ऑपरेशन ने चीन के हुक्मरानों के माथे पर बल ला दिया है। कहा तो यहां तक जा रहा है कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी इसे लेकर अपने सैन्य कमांडरों से नाराज चल रहे हैं। इससे संतुलित करने के लिए ही चीन की सेना बार-बार क्षेत्र में अपना दबदबा बनाने का प्रयास कर रही है।
सैन्य सूत्र बताते हैं कि सात सितंबर को भी चीनी सेना ने इसी तरह की कोशिश की थी। वह दूसरी पहाड़ी चोटियों की तरफ बढ़ना चाह रहे थे, लेकिन भारतीय सेना के सतर्कता के बाद चीन की फौज को पीछे हटना पड़ा। बताते हैं कि 29-30 अगस्त की रात से लेकर चीन की सेना कई बार भारतीय क्षेत्र में नई घुसपैठ की कोशिशें कर चुकी है। हालांकि उसकी किसी भी कोशिश को सफलता नहीं मिल पाई। इसका एक बड़ा कारण हाई एल्टीट्यूड वॉर फेयर स्कूल यानी HAWS से ट्रेनिंग लेकर निकले भारतीय जाबांजों की बहादुरी और शौर्य है।