भारतीय क्षेत्र में चीनी सैनिकों की घुसपैठ की खबर का भारतीय सेना ने खंडन किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कहा गया था कि चीनी सेना ने लद्दाख में भारतीय सीमा के 6 किलोमीटर अंदर तक प्रवेश किया और अपने देश का झंडा लहराया। कहा जा रहा था कि दलाई लामा के जन्मदिन के मौके पर कुछ तिब्बतियों के अपना झंडा फहराने के बाद चीनी सैनिक पिछले सप्ताह जम्मू कश्मीर के लद्दाख संभाग के डेमचोक सेक्टर में भारतीय भूभाग में 6 किलोमीटर अंदर तक आ गए थे।
सेना ने बताया कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के जवान सादे कपड़ों में एसयूवी पर सवार होकर छह जुलाई को भारतीय भूभाग के काफी अंदर तक आ गए थे और तिब्बती शरणार्थियों द्वारा झंडा फहराए जाने का विरोध किया। तिब्बती शरणार्थी दलाई लामा का 84 वां जन्मदिन मना रहे थे।
सूत्रों के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि भारतीय सेना के जवान भी घटनास्थल पर मौजूद थे और चीनी सैनिकों को और आगे नहीं बढ़ने दिया। भारतीय अधिकारियों ने जब उन्हें आश्वासन दिया कि वे शरणार्थियों के कृत्यों की जांच करेंगे, तो कुछ घंटों के बाद चीनी सैनिक अपनी सीमा में चले गए।
रिपोर्ट के मुताबिक लद्दाख में पूर्वी डेमचोक की सरपंच उरगेन चोदोन ने चीनी सेना के घुसपैठ की बात कही थी। उन्होंने बताया था कि चीनी सैनिक सैन्य वाहनों में भारतीय सीमा में आए और वहां चीनी झंडा लहराया।
लेकिन चीनी सैनिकों की घुसपैठ के सवाल पर सेना के सूत्रों ने कहा कि उस वक्त स्थानीय लोग दलाई लामा का जन्मदिन मना रहे थे।
अगस्त 2018 में चीन ने इस क्षेत्र में घुसपैठ की थी और कई टेंट स्थापित किए थे। भारत के विरोध के बाद उसने कई टेंट हटाए लेकिन अभी भी दो टेंट वहां मौजूद हैं। यही नहीं, चीन ने सीमा के उस पार बड़ी संख्या में सड़कें बना कर आधारभूत ढांचे को मजबूत किया है।