चीन और ताइवान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। छोटा देश होने के बावजूद ताइवान चीन की दादागीरी के आगे झुकता नहीं दिख रहा है। ताइवान के एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने असामान्य रूप से मजबूत और बिना लाग-लपेट कहा है कि ताइवान की नाकाबंदी या किसी तट को जब्त करना युद्ध का कार्य माना जाएगा और ताइवान आत्मसमर्पण नहीं करेगा। ताइवान के राष्ट्रपति त्साई इंग-वेन और उनके प्रशासन में अन्य लोगों ने बार-बार कहा है कि वे शांति चाहते हैं और हमला करने पर अपना बचाव करेंगे।
चीनी सीधे नहीं करेगा आक्रमण
रणनीतिकारों का कहना है कि चीनी सैन्य कार्रवाई ताइवान पर सीधी नहीं हो सकती है। इसमें ताइवान को चीन के शासन को स्वीकार करने के लिए मजबूर करने की कोशिश करने के लिए नाकाबंदी जैसी कार्रवाइयां शामिल हो सकती हैं। ताइवान को अपने क्षेत्र के रूप में देखने वाले बीजिंग और ताइपे के बीच तनाव तब से बढ़ गया है जब अमेरिकी हाउस स्पीकर नैन्सी पेलोसी ने अगस्त की शुरुआत में द्वीप का दौरा किया था। अपना गुस्सा जाहिर करने के लिए चीन ने ताइवान के चारों ओर सैन्य अभ्यास किया जिसमें मिसाइलें दागना और नाकाबंदी करने जैसे कदम शामिल थे। चीन ने तब से छोटे पैमाने पर अपनी सैन्य गतिविधियों को जारी रखा है।
अधिकारी ने बताया, कैसी प्रतिक्रिया देगा ताइवान
नाम न छापने की शर्त पर ताइवान के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि पेलोसी की यात्रा के बाद चीन के युद्ध अभ्यास से पता चला है कि सबसे खराब स्थिति में क्या हो सकता है, और इस पर ध्यान केंद्रित किया कि ताइवान कैसे प्रतिक्रिया देगा। नाकाबंदी करना युद्ध करने जैसा है, एक अपतटीय द्वीप पर कब्जा करना युद्ध का एक कार्य है। अधिकारी ने कहा कि बीजिंग इस समय ऐसा कोई भी काम नहीं करना चाहेगा।
अधिकारी ने कहा कि ताइपे ने अगले साल ताइवान के पास बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास शुरू करने की संभावना से इनकार नहीं किया, जब द्वीप 2024 की शुरुआत में राष्ट्रपति चुनाव के लिए तैयार होगा। इस समय हम इस बारे में चिंतित हैं। अन्य संभावित चीनी कार्रवाइयों में ताइवान के पास अपनी "ग्रे-ज़ोन" रणनीति को आगे बढ़ाना शामिल हो सकता है जिसमें मिलिशिया नौकाओं या साइबर हमलों के साथ घुसपैठ शामिल है।
बाइडन का एलान, ताइवान की करेंगे रक्षा
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने रविवार को प्रसारित टिप्पणियों में कहा कि अमेरिकी सेना चीनी आक्रमण की स्थिति में ताइवान की रक्षा करेगी। अधिकारी ने कहा कि ताइवान में उत्पादित दुनिया के सबसे उन्नत सेमीकंडक्टर के साथ स्थिरता सुनिश्चित करना दुनिया के हित में है। ताइवान जलडमरूमध्य में दबाव चिप आपूर्ति पर दबाव डाल रहा है। त्साई ने कहा है कि ताइवान चीन को उकसाएगा नहीं या जल्दी से आगे नहीं बढ़ेगा। उन्होंने रक्षा को प्राथमिकता दी है, जिसमें अगले साल रक्षा खर्च में दो अंकों की वृद्धि शामिल है।