मुख्यमंत्री एन रंगासामी ने शनिवार को पुडुचेरी को राज्य का दर्जा देने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि इस केंद्र शासित प्रदेश के पास त्वरित निर्णय लेने और उन्हें लागू करने की पूर्ण शक्तियां नहीं हैं।
सीएम रंगासामी ने सूचना एवं प्रचार निदेशालय द्वारा आयोजित एक समारोह में भाग लिया। समारोह में स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मानित करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि एक केंद्र शासित प्रदेश होने के नाते पुडुचेरी में निर्वाचित सरकार निर्णय लेने और उन्हें लागू करने के लिए संघर्ष कर रही है।
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पूर्ण शक्तियां मिलने पर और भी ऊंचाई छू सकता है पुडुचेरी
उन्होंने कहा कि हर बार निर्वाचित सरकार को अपने निर्णयों को लागू करने के लिए उपराज्यपाल की अनुमति लेने की मजबूरी होती है। हम वर्तमान में केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन हैं। ऐसी बाधाएं एक निर्वाचित सरकार के कामकाज के लिए एक व्यावहारिक कठिनाई हैं। उन्होंने आगे कहा कि केवल राज्य का दर्जा ही मददगार होगा। उन्होंने कहा कि अगर निर्वाचित सरकार को पूर्ण शक्तियां मिलें तो पुडुचेरी और भी ऊंचाइयों को छू सकता है।
केंद्र को मांग स्वीकार करने के लिए कर रहे राजी
एआईएनआरसी-भाजपा गठबंधन सरकार का नेतृत्व कर रहे रंगासामी ने कहा कि हम केंद्र को राज्य के दर्जे की मांग स्वीकार करने के लिए राजी कर रहे हैं। सीएम रंगासामी ने राज्य के दर्जे के लिए निरंतर और एकजुट संघर्ष के लिए सभी राजनीतिक दलों, विधायकों और विभिन्न संगठनों का आभार भी व्यक्त किया।
स्वतंत्रता सेनानियों की पेंशन बढ़ाकर 15000 की जाएगी
रंगसामी ने कहा कि पुडुचेरी में प्रशासन द्वारा स्वतंत्रता सेनानियों को दी जाने वाली मासिक पेंशन वर्तमान 12,000 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि दलित वर्गों, पिछड़े वर्गों और अन्य कमजोर वर्गों की आवास आवश्यकताओं का ध्यान रखने के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं लागू हैं।
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विपक्षी द्रमुक के विधायक एनीबल कैनेडी, जिन्होंने पहले भाषण दिया था, चाहते थे कि मुख्यमंत्री विधायकों और राजनीतिक दलों के नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल को दिल्ली लेकर जाएं और प्रधानमंत्री व गृह मंत्री से मिलें। वहां जाकर वे पुडुचेरी को राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को मजबूती से रखें।