पश्चिम बंगाल की मुखिया ममता बनर्जी ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि पश्चिम बंगाल पीएम आवास योजना को लागू करने में शीर्ष स्थान रखता है। 2016-17 से अब तक राज्य में 32 लाख से अधिक घरों का निर्माण किया गया है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और सीएम एमके स्टालिन नेगुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। पत्र में ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री से मनरेगा और पीएम आवास योजना के तहत फंड जारी करने में हस्तक्षेप का आग्रह किया है। पत्र में ममता बनर्जी ने लिखा है कि उनकी सरकार धन की अनुपलब्धता के कारण पिछले चार महीने से ज्यादा समय से वेतन भुगतान करने में असमर्थ है। वहीं, तमिलनाडु के सीएम स्टालिन ने अपने पत्र में तमिल को आधिकारिक भाषा के रूप में घोषित करने समेत कई अन्य मुद्दों को लेकर मांग की है।
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ममता ने पत्र लिखकर लगाई गुहार
ममता बनर्जी ने पत्र में कहा कि यह बहुत ही आश्चर्यजनक है कि भारत सरकार मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए पश्चिम बंगाल को धन जारी नहीं कर रही है।उन्होंने कहा कि बंगाल में वेतन भुगतान चार महीने से अधिक समय से लंबित है क्योंकि भारत सरकार मनरेगा और पीएम आवास योजना के लिए राज्य को लगभग 6,500 करोड़ रुपये की धनराशि जारी नहीं कर रही है।
पश्चिम बंगाल की मुखिया ममता बनर्जी ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि पश्चिम बंगाल पीएम आवास योजना को लागू करने में शीर्ष स्थान रखता है। 2016-17 से अब तक राज्य में 32 लाख से अधिक घरों का निर्माण किया गया है। उन्होंने लिखा कि परियोजनाओं के महत्व और आम लोगों के सामने आने वाली कठिनाइयों को देखते हुए मैं आपसे अनुरोध करती हूं कि आप तत्काल हस्तक्षेप करें और संबंधित मंत्रालय को बिना किसी देरी के धन जारी करने का निर्देश दें।
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सीएम एमके स्टालिन ने भी लिखा पत्र
वहीं दूसरी ओर, तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने जजों की नियुक्ति, सुप्रीम कोर्ट की बेंच की स्थापना और तमिल को आधिकारिक भाषा के रूप में घोषित करने के संबंध में पीएम नरेंद्र मोदी और भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना को पत्र लिखा है।