चुनाव आयोग ने निर्देश दिए हैं कि जिन पांच राज्यों में चुनाव होने हैं, वहां के मुख्यमंत्री, मंत्री और राजनीतिक तौर पर नामित लोग तब तक वैधानिक निकायों के समक्ष दायर अपीलों की सुनवाई नहीं कर सकते, जब तक चुनाव प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती।
आयोग का कहना है कि उनके फैसले मतदाताओं को प्रभावित कर सकते हैं। आयोग ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मणिपुर, गोवा और पंजाब के प्रधान सचिवों और मुख्य चुनाव अधिकारियों को भेजे पत्र में कहा है कि उसे मिली जानकारी के अनुसार, पांचों राज्यों में चार जनवरी को आदर्श आचार संहिता के लागू हो जाने के बावजूद मुख्यमंत्री, मंत्री और विभिन्न वैधानिक निकायों में राजनीतिक तौर पर नियुक्त पदाधिकारी अब भी लोगों द्वारा विभिन्न कानूनों के तहत दायर अपीलों पर सुनवाई कर रहे हैं।