भारत के चीफ जस्टिस जेएस खेहर ने कहा है कि भारत अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता का केंद्र बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में तनिक भी हस्तक्षेप न करने की सरकार की पहल से विदेशी व्यापारियों के विश्वास में इजाफा होगा।
‘इनगेंजिंग एशिया आब्रिट्रेशन समिट’ पर दो दिवसीय सेमिनार में चीफ जस्टिस ने कहा कि बढ़ते विदेशी निवेश के कारण अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता की संभावना बढ़ रही है। सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ स्कीम देश को उभरते बाजारों के बीच एक पसंदीदा बाजार बनाएगी। उन्होंने कहा, ‘भारत सरकार में नियोजन में उच्चतम स्तर पर इस दिशा में प्रयास जारी है कि अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता की प्रक्रिया में सरकार या उसकी एजेंसियों का दखल न रहे।
सरकार की दखलअंदाजी न होने से विदेशी व्यापारियों को महसूस होगा कि भारत में मध्यस्थता की प्रक्रिया निष्पक्ष है। इससे विदेशी व्यापारियों का विश्वास भी बढ़ेगा।’ चीफ जस्टिस ने कहा कि भारत में बड़ी संख्या में योग्य वकील और आब्रिट्रेटर हैं, ऐसे में एशिया में अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक मध्यस्थता की शुरुआत भारत से ही होनी चाहिए।