देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत शनिवार को अपने पद से सेवानिवृत्त हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के मुखिया के तौर पर उन्होंने बस एक बात का ही मलाल है। उन्होंने कहा कि वह कानून मंत्रालय को बदले समय के हिसाब से चुनावों में धन और सोशल मीडिया के इस्तेमाल से जुडा कानूनी तंत्र तैयार करने की सिफारिश नहीं भेज पाए। रावत की जगह रविवार से सुनील अरोड़ा नए मुख्य चुनाव आयुक्त के तौर पर पद संभालेंगे।
रावत ने अपनी सेवानिवृत्ति से एक दिन पहले यह भी कहा कि चुनाव अभियानों में पार्टी खर्च पर शिकंजा कसने को लेकर आने वाले समय में उम्मीद की किरण दिखेगी। बता दें कि इस मामले में चुनाव आयोग की तरफ से राजनीतिक दलों और सरकार पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है।
उन्होंने राजनीतिक दलों की फंडिंग में पारदर्शिता से जुड़े एक सवाल पर कहा कि यह लंबे सुधार का मामला है। सभी राजनीतिक दलों की अगस्त में संयुक्त बैठक में पार्टी खर्च पर शिंकजा कसने और फंडिंग में पारदर्शिता होने की सिफारिश की गई थी। उन्होंने कहा कि लगभग सभी दल खर्च पर अंकुश लगाने पर सहमत थे। ऐसे में मेरा विचार है कि आने वाले समय में इसमें कुछ होता दिखाई देगा।