मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने आने वाले लोकसभा चुनावों में पेपर ट्रेल मशीनों के लिए सरकार से जल्द से जल्द फंड जारी करने की मांग की है।
मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने ‘मौजूदा माहौल की बात करते हुए केंद्र सरकार ने आग्रह किया है कि पेपर ट्रेल मशीनों के लिए वह जल्द से जल्द फंड जारी कर दें। ताकि आने वाले लोकसभा चुनावों में ईवीएम के साथ पेपर ट्रेल मशीन अनिवार्य रुप से जोड़ी जा सकें।
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कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद को लिखे पत्र में जैदी ने यह भी कहा कि अवमानना याचिका की सुनवाई करते हुए उच्चतम न्यायालय ने आयोग को वह समयसीमा बताने का निर्देश दिया है जिसके भीतर वीवीपीएटी की पूरी प्रणाली अमल में लाई जाएगी।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने अपने पत्र में मौजूदा माहौल का जिक्र किया है। ऐसा माना जा रहा है कि मौजूदा माहौल लिखने की वजह राजनीतिक पार्टियों के द्वारा यूपी विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद से ईवीएम की निष्पक्षता पर उठाए जा रहे सवाल हैं।
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11 मार्च को चुनाव परिणाम आने के बाद से कई राजनीतिक पार्टियां जिसमें बसपा और सपा प्रमुख है लगातार ही ईवीएम की निष्पक्षता पर प्रश्न उठा रही हैं। कांग्रेस पार्टी के नेता ईवीएम के मुद्दे पर बंटे हुए दिख रहे हैं।
कानून मंत्री को लिखे इस पत्र में यह याद दिलाया है कि वह पहले ही सरकार को सूचित कर चुके हैं कि वीवीपीएटी की आपूर्ति के लिए ऑर्डर फरवरी, 2017 तक नहीं दिया गया तो सितम्बर, 2018 तक वीवीपीएटी की आपूर्ति के लिए विनिर्माण मुश्किल होगा।
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मालूम हो कि चुनाव आयोग को 2019 के लोकसभा चुनाव में सभी मतदान केद्रों को कवर करने के लिए 16 लाख से अधिक पेपर ट्रेल मशीनों की जरूरत होगी। इस पर 3,174 करोड़ रुपये की लागत का अनुमान है।