पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम और उनकी प्रमुख कंपनियों के खिलाफ चल रही जांच में नया मोड़ आ गया है। प्रवर्तन निदेशालय ने कार्ति चिदंबरम के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर लिया है। इसकेअलावा कई और लोगों के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है। जांच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय द्वारा बरामद दस्तावेज बताते हैं कि कार्ति के करीबी सहयोगी एस भास्करमरण की पत्नी पद्मा भास्कररमण को कागजों में एएससीपीएल का प्रमोटर और निदेशक बनाया गया था।
ED files money laundering case against Karti Chidambaram and others, taking cognizance of the CBI FIR against him.
— ANI (@ANI_news) May 19, 2017
ऐसा बिजनेस को नियंत्रित करने वालों की पहचान छुपाने के लिए किया गया था। कागजों के मुताबिक चिदंबरम के बेटे कार्ति एएससीपीएल के लाभार्थी और इंचार्ज थे। कंपनी पर INX मीडिया को एफआईपीबी की मंजूरी दिलाने का आरोप है और सीबीआई इस मामले में जांच कर रही है।
अब सीबीआई की एफआईआर के आधार पर ईडी भी कार्ति चिदंबरम के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच की तैयारी कर रही है। ईडी ने इसके लिए FEMA (फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट) के तहत एक रिपोर्ट तैयार कर ली है। रिपोर्ट के तहत पदमा भास्कररमण कागजों पर इकलौती प्रमोटर और डाइरेक्टर हैं वहीं वो पेशे से एक स्कूल टीचर हैं। कार्ति की पहचान छुपाने के लिए पदमा के भाई भी इस प्रॉजेक्ट में प्रमोटर के तौर पर शामिल किए गए थे।
ऐसे कार्ति की कंपनी को बेचे गए शेयर
वसन हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड के सीएमडी मीरा अरुण का बयान इस साल दर्ज किया गया था। जिसमें उन्होंने कहा था कि वो जरूर वो कंपनी की शेयरहोल्डर जरूर थीं, लेकिन पूरा व्यवसाय उनके पति ही देखते थे। मीरा अरुण ने जांचकर्ताओं को बताया कि उन्हें अपने व्यवसाय आई केयर सेंटर्स को बढ़ाने के लिए फॉरेन फंडिंग की जरूरत थी तो कार्ति चिदंबरम जो उनके पारिवारिक मित्र और शुभचिंतक हैं उन्होंने एक इन्वेस्टमेंट कंसल्टेंसी कंपनी स्पार्क कैपिटल एडवाइजर्स के बारे में बताया था।
मीरा अरुण ने ये भी बताया कि वो वसन हेल्थ केयर में महज एक दिखावटी डायरेक्टर थीं। मीरा अरुण ने अपने बयान में ये कहा कि उन्होंने अपने शेयर्स अपने पिता वी. द्वारकानाथम को स्थानांतरित कर दिए जिसके बाद उन्होंने शेयर कार्ति आजाद से संबंधित कंपनी एएससीपीएल को ट्रांसफर कर दिए। द्वारकानाथ ने कार्ति की कंपनी को 100 रूपये प्रति शेयर के हिसाब से 15 हजार शेयर बेंचे।
वहीं द्वारकानाथ ने जांचकर्ताओं को बताया कि वो बेटी द्वारा ट्रांसफर किए गए शेयर्स के बारे में नहीं जानते और न ही इस बारे में कि वो कार्ति चिदंबरम को कैसे बेंच दिए गए। ईडी ने अपनी जांच में कहा है कि सीबीएन रेड्डी, रवि विश्वनाथन और एस भाष्कररमण, सभी एएससीपीएल के निदेशक कार्ति चिदंबरम के इशारों पर काम करते थे। वहीं एस भाष्कररमण एएससीपीएल के दिन प्रति दिन के कामों में अपना दखल कार्ति चिदंबरम के कहने पर रखते थे।
सीबीआई छापे के बाद कार्ति चिदंबरम लंदन रवाना
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कथित रूप से रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई जांच का सामना कर रहे कार्ति चिदंबरम बृहस्पतिवार को लंदन रवाना हो गए। उनके पिता और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने इस यात्रा को पूर्व निर्धारित यात्रा बताया है। पूर्व वित्त मंत्री और कार्ति के पिता पी चिदंबरम ने कहा कि कार्ति कुछ दिनों में वापस लौट आएंगे। उन्होंने कहा कि वैसे भी उनकी यात्रा पर कोई रोक नहीं है।
गौरतलब है कि सोमवार को सीबीआई ने इंद्राणी मुखर्जी और पीटर मुखर्जी द्वारा संचालित आईएनएक्स मीडिया को विदेशी निवेश की मंजूरी दिलाने में कथित तौर पर अनियमितताओं के संबंध में कार्ति और मुखर्जी के खिलाफ मामला दर्ज किया था। विदेशी निवेश की मंजूरी 2007 में उस समय दी गई थी, जब पी चिदंबरम वित्त मंत्री थे। इस मामले में कार्ति की संलिप्तता जांचने के लिए सीबीआई ने मंगलवार को चार शहरों में कार्ति के घरों और कार्यालयों पर छापेमारी की थी। इस छापेमारी पर प्रतिक्रिया देते हुए कार्ति ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध का मामला बताया था और जोर देकर कहा था कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है।