आईएनएक्स मीडिया घोटाले से जुड़े मनी लान्ड्रिंग मामले में आरोपी बनाए गए पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम को बुधवार को भी जमानत नहीं मिल सकी। सुप्रीम कोर्ट के सामने सुनवाई के दौरान चिदंबरम की तरफ से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा, हाईकोर्ट ने जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा है कि मुझे (चिदंबरम को) रिहा करने का गलत संदेश जाएगा, मानो मैं कोई रंगा-बिल्ला सरीखा अपराधी हूं।
कुलजीत सिंह उर्फ रंगा और जसबीर सिंह उर्फ बिल्ला मुंबई के दो कुख्यात अपराधी थे, जो 1978 में आर्थर रोड जेल से छूटते ही सीधे दिल्ली आ गए थे। यहां दोनों ने ऑल इंडिया रेडिया की बिल्डिंग में प्रोग्राम पेश करने के लिए जा रहे दो नाबालिग भाई-बहन गीता व संजय चोपड़ा का फिरौती के लिए अपहरण कर लिया था।
अगस्त 1978 में रंगा-बिल्ला ने गीता व संजय के पिता के नौसेना अधिकारी होने की जानकारी मिलने पर क्रूरता पूर्वक उनकी हत्या कर दी थी। रंगा और बिल्ला को गिरफ्तार करने के बाद 1982 में फांसी दे दी गई थी।