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छत्तीसगढ़ : 100 पार कर चुकी महिलाओं ने भी डाले वोट, आत्मसमर्पण कर चुके नक्सली जोड़े ने किया मतदान

Tue, 13 Nov 2018 11:20 PM IST
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
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छत्तीसगढ़ के प्रथम चरण के चुनावों में महिलाओं ने जमकर वोट डाले। इनमें कई बुजुर्ग महिलाएं ऐसी भी थीं, जो 100 साल की उम्र पार कर चुकी हैं। आयोग के मुताबिक राज्य में 100 साल से ऊपर आयु के वोटरों की संख्या 3,630 से ज्यादा है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक प्रथम चरण में 51 फीसद महिलाओं ने वोटिंग की, जबकि पुरुषों का आंकड़ा 49 फीसदी ही रहा।  

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सोमवार को छत्तीसगढ़ की 18 विधानसभा सीटों पर वोटिंग हुई। जहां वोटरों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। इनमें से देवरपल्ली के गोरकुंडा मतदान केंद्र में 103 वर्षीया सोनी बाई ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसके अलावा सुकमा जिले के दोरनापाल मतदान केंद्र में 100 वर्षीया विश्वास ने पूरे उत्साह के साथ वोट डाला। वह अपने बेटे के साथ मतदान में हिस्सा लेने आई।

पांच पोलिंग बूथ का नाम 'दोस्त'

आयोग के मुताबिक पूरे राज्य में 3,630 वोटर ऐसे हैं, जिनकी उम्र 100 साल को पार कर चुकी है। प्रथम चरण के चुनाव में कुल 31 लाख 80 हजार 14 मतदाताओं में महिला मतदाताओं की संख्या 16 लाख 22 हजार 492 थी, वहीं पुरुष मतदाताओं की संख्या 15 लाख 57 हजार 435 है। 

आयोग के अनुसार इस बार प्रत्येक विधानसभा में महिलाओं के लिए खास संगवारी नाम से 5 पोलिंग बूथ बनाए गए। जिसका वहां की भाषा में मतलब दोस्त होता है। इनमें रिटर्निंग ऑफिसर से लेकर सिक्योरिटी अधिकारी भी महिलाएं होती हैं।
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आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों ने दिखाई पूरी सक्रियता

आयोग के मुताबिक हर बूथ पर महिलाओं व बुजुर्गों के लिए व्हीलचेयर से लेकर तिपहिया वाहन की व्यवस्था की गई थी, जिनकी चालक भी महिलाएं ही थीं। पूरे छत्तीसगढ़ में एक करोड़ 85 लाख वोटर हैं, जिनमें 92 लाख महिलाएं हैं।  

आयोग के मुताबिक वोटिंग के दौरान आत्मसमर्पित नक्सलियों ने भी पूरी सक्रियता दिखाई। प्रथम चरण के मतदान में उच्चाकोट निवासी आत्मसमर्पित नक्सल दंपति मैनूराम उर्फ मलोल उर्फ बंडू सपत्नीक राजबत्ती दुग्गा उर्फ एमेश्वरी दुग्गा ने अपने पुत्र के साथ विधानसभा क्षेत्र 84 नाराणपुर के मतदान केंद्र 49 संगवारी में मतदान किया।

राजबत्ती दुग्गा किसकोड़ो दलम (एलओएस) की कमांडर थी। वहीं उनका पति इसी दल का मिलिशिया सदस्य रह चुका है। यह दंपति लगभग दो वर्ष तक दल के सक्रिय सदस्य रहा। इन्होंने दिसंबर 2014 में पत्नी के साथ पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया था। वर्तमान में वह राजमिस्त्री का काम करते हैं।
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