आयोग के मुताबिक पूरे राज्य में 3,630 वोटर ऐसे हैं, जिनकी उम्र 100 साल को पार कर चुकी है। प्रथम चरण के चुनाव में कुल 31 लाख 80 हजार 14 मतदाताओं में महिला मतदाताओं की संख्या 16 लाख 22 हजार 492 थी, वहीं पुरुष मतदाताओं की संख्या 15 लाख 57 हजार 435 है।
आयोग के अनुसार इस बार प्रत्येक विधानसभा में महिलाओं के लिए खास संगवारी नाम से 5 पोलिंग बूथ बनाए गए। जिसका वहां की भाषा में मतलब दोस्त होता है। इनमें रिटर्निंग ऑफिसर से लेकर सिक्योरिटी अधिकारी भी महिलाएं होती हैं।
आयोग के मुताबिक हर बूथ पर महिलाओं व बुजुर्गों के लिए व्हीलचेयर से लेकर तिपहिया वाहन की व्यवस्था की गई थी, जिनकी चालक भी महिलाएं ही थीं। पूरे छत्तीसगढ़ में एक करोड़ 85 लाख वोटर हैं, जिनमें 92 लाख महिलाएं हैं।
आयोग के मुताबिक वोटिंग के दौरान आत्मसमर्पित नक्सलियों ने भी पूरी सक्रियता दिखाई। प्रथम चरण के मतदान में उच्चाकोट निवासी आत्मसमर्पित नक्सल दंपति मैनूराम उर्फ मलोल उर्फ बंडू सपत्नीक राजबत्ती दुग्गा उर्फ एमेश्वरी दुग्गा ने अपने पुत्र के साथ विधानसभा क्षेत्र 84 नाराणपुर के मतदान केंद्र 49 संगवारी में मतदान किया।
राजबत्ती दुग्गा किसकोड़ो दलम (एलओएस) की कमांडर थी। वहीं उनका पति इसी दल का मिलिशिया सदस्य रह चुका है। यह दंपति लगभग दो वर्ष तक दल के सक्रिय सदस्य रहा। इन्होंने दिसंबर 2014 में पत्नी के साथ पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया था। वर्तमान में वह राजमिस्त्री का काम करते हैं।