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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बोले, मजदूरों की दुर्दशा के लिए केंद्र का अचानक लिया गया फैसला जिम्मेदार

Mon, 04 May 2020 06:25 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • मुख्यमंत्री ने कहा- अगर लॉकडाउन घोषित करने के पहले लोगों को बता देते तो लोग अपने घरों को चले जाते और इस तरह पूरे देश में लोग परेशान न होते
  • बोले बघेल, केंद्र ने नोटबंदी का फैसला अचानक लेकर देश को मुश्किल में डाल दिया था
  • उन्होंने कहा, कंपनियां छत्तीसगढ़ में निवेश करना चाहेंगी, वे उन्हें विशेष सुविधाएं प्रदान करेंगे
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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि विभिन्न राज्यों में फंसे मजदूरों की आज की दयनीय स्थिति के लिए केंद्र के गलत फैसले जिम्मेदार हैं। अगर 24 मार्च को लॉकडाउन घोषित करने के पहले लोगों को बता दिया गया होता और उन्हें कुछ दिनों का समय दिया गया होता तो लोग अपने घरों को चले जाते।

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वे आज की तरह विभिन्न शहरों में परेशान नहीं होते। उन्होंने कहा कि इसी तरह केंद्र ने नोटबंदी का फैसला अचानक लेकर देश को मुश्किल में डाल दिया था।

अमर उजाला डॉट काम से विशेष बातचीत में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि केंद्र सरकार को विपक्ष के नेताओं की बात सुननी चाहिए। सोनिया गांधी और राहुल गांधी लगातार केंद्र को यह सुझाव दे रहे हैं कि गरीब किसानों-मजदूरों की आर्थिक मदद की जानी चाहिए।

इसके लिए एक आर्थिक पैकेज की घोषणा की जानी चाहिए। लेकिन केंद्र सरकार देश के बड़े उद्योगपतियों के हजारों करोड़ के कर्ज को बट्टे खाते में डाल देती है, लेकिन गरीबों की मदद के लिए कोई योजना लेकर नहीं आती। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
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अमर उजाला के इस सवाल पर कि छत्तीसगढ़ में कोरोना से निबटने का मॉडल क्या है, मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि इस संक्रामक बीमारी से निबटने का सबसे कारगर रास्ता उनके ग्रामीण भाइयों ने दिखाया है।

बस्तर के कुछ गांवों का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वहां गांवों में लोग स्वयं ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं, बाहर से आने वालों को गांव के बाहर स्कूलों में ठहराया जा रहा है, उन्हें वहीं भोजन या अन्य सुविधाएं दी जा रही हैं, लेकिन उन्हें गावों में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है।

यही तरीका कोविड से निबटने में सबसे ज्यादा कारगर हो सकता है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने हर वर्ग के लिए अलग-अलग नीतियां बनाकर राज्य को कोविड की परेशानी में भी उबारने की रणनीती बनाई है। इसके तहत गरीब श्रमिकों को पर्याप्त नकदी मदद की गई है।

उन्हें मनरेगा योजना के तहत रोजगार दिया जा रहा है, तो किसानों को हर सुविधा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य अपने उद्यमियों की सहायता के लिए भी योजना बना चुका है।

ग्रीन जोन में हमें मिले अनुमति

कांग्रेस नेता बघेल ने कहा कि केंद्र सरकार ने देश को तीन कैटेगरी में बांट दिया है। जहां कोई कोरोना के केस नहीं मिले हैं, उन्हें ग्रीन जोन में रखा गया है।

इन क्षेत्रों में किस तरह की गतिविधियों को चालू किया जाना चाहिए या किन पर लगाम लगाई जानी चाहिए, यह तय करने का अधिकार स्थानीय प्रशासन को दे दिया जाना चाहिए। इससे आर्थिक गतिविधियां भी चल सकेंगी और राज्य को लाभ होगा।

राज्य में निवेश पर देंगे विशेष सुविधाएं

उन्होंने कहा कि उनके अधिकारी लगातार केंद्र सरकार और कुछ बड़ी कंपनियों के संपर्क में हैं। जो कंपनियां छत्तीसगढ़ में निवेश करना चाहेंगी, वे उन्हें विशेष सुविधाएं प्रदान करेंगे। इससे आदिवासी बहुल राज्य में रोजगार बढ़ेंगे और राज्य के लोगों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा।

 

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