मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसटी) रेलवे स्टेशन के पास गुरुवार रात को एक बड़ा दर्दनाक हादसा घटा। सीएसटी रेलवे स्टेशन पर जाने वाले एक फुटओवर ब्रिज का आधा हिस्सा रात के साढ़े सात बजे भरभरा कर गिर गया। इस हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई और 34 लोग घायल हुए हैं। मरने वालों में दो नर्सों भी शामिल हैं। यह दोनों नर्सें पास के ही गोकुलदास तेजपाल अस्पताल में काम करती थीं और रात की शिफ्ट में काम करने के लिए आ रही थीं। तभी वह हादसे की चपेट में आ गईं।
अस्पताल के स्टाफ का कहना है कि वह शुरु के मरीजों को देखकर हैरान रह गए क्योंकि अस्पताल की नर्स अपूर्वा प्रभु (35) और रंजना तांबे (40) भी घायलों में शामिल थीं। वरिष्ठ नर्सिंग स्टाफ ने कहा, 'वह हमारी लड़कियां थीं। हमने उन्हें तुरंत पहचान लिया। वह अपनी रात्री पाली करने के लिए आ रही थीं जो 8 बजे से शुरू होनी थी।' दोनों की गंभीर चोट के कारण मौत हो गई। घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उन्हें शुरुआत के कुछ मिनट तक कुछ भी दिखाई नहीं दिया।
30 साल के प्रत्यक्षदर्शी इमरान खान ने बताया कि हर जगह धूल ही धूल थी। उन्होंने कहा, 'हमने एक तेज आवाज सुनी और ब्रिज के पास भागे। पहले दो मिनट हमे कुछ नहीं दिखाई दिया क्योंकि हर जगह धूल ही धूल थी। कुछ मिनट बाद हमने देखा कि लगभग 15 लोग ब्रिज गिरने की वजह से बहुत बुरी तरह जख्मी हो गए थे।'
39 साल के टैक्सी ड्राइवर मोहम्मद अख्तर अंसारी एक महिला यात्री को चर्चगेट से माहिम तक ले जा रहे थे। ब्रिज का एक हिस्सा गिर गया और गाड़ी के आगे के हिस्से को उससे नुकसान पहुंचा। सौभाग्य की बात यह रही कि दोनों इस हादसे से बाल-बाल बच गए। अंसारी ने कहा, 'जब ब्रिज गिरा तब मैं जेजे फ्लाईओवर की तरफ सड़क पर जा रहा था। सौभाग्य से सड़क की इस तरफ कोई कार नहीं थी क्योंकि सीएसटी स्टेशन के सामने का ट्रैफिक सिग्नल लाल था।'
एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि इस ओवरब्रिज की सुबह ही मरम्मत की गई थी इसके बावजूद इसका इस्तेमाल हो रहा था। घायलों में एक 23 साल का राजेश दास है जो बायकुला का रहने वाला है। वह उस समय ब्रिज पर चल रहा था जब यह नीचे गिर गया। इसके कारण उसके दाएं हाथ में फ्रैक्चर हो गया और अन्य चोट भी लगी।
दास ने कहा, 'मैं जावेरी बाजार में काम करता हूं और काम के बाद मैं सीएसटी कोलकाता स्थित अपनी ट्रेन पकड़ने के लिए आया था। लगभग 7.30 बजे मैं ब्रिज पर था यह नीचे गिर गया। सौभाग्य से मैं बेहोश नहीं हुआ और मदद के लिए आए लोगों की वजह से मैं अपने भाई को फोन कर पाया।' दास को जॉर्ज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। खान ने कहा, मैंने तीन महिलाओं को सड़क पर देखा जो पूरी तरह से अचेतन अवस्था में थी और उन्हें अस्पताल लेकर गए।