जम्मू और कश्मीर में आतंवादियों से मुठभेड़ में बुरी तरह घायल हुए सीआरपीएफ कमांडेंट चेतन चीता गुरुवार को अस्पताल से डिसचार्ज हो गए। करीब दो महीने बाद कोमा से बाहर आने के बाद चेतन ने हंसते हुए कहा कि 'आई एम रॉकिंग'। मौत के मुंह से निकल कर आए चीता ने कहा कि वे पार्टी रखकर अपनी पसंदीदा स्कॉच पीना चाहते हैं।
इससे पहले चेतन के होश में आने के बाद उनसे गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू अस्पताल मिलने पहुंचे थे। एम्स के ट्रामा सेंटर के डॉक्टरों ने मंगलवार को मीडिया से कहा कि चीता का होश में आना किसी चमत्कार से कम नहीं है। उनकी हालत काफी सुधर चुकी है।
चीता को जब अस्पताल लाया गया था तब उनकी हालत बहुत खराब थी। उनका शरीर का ऊपरी हिस्सा क्षतिग्रस्त था। इसके अलावा उनके सिर और आंखों में भी गंभीर चोटें थीं। डॉक्टरों ने बताया कि अब उनकी हालत स्थिर है। चीता की पत्नी उमा सिंह ने कहा कि ये अस्पताल प्रशासन के साथ-साथ उनके पति की इच्छाशक्ति का भी नतीजा है।
उन्होंने बताया कि उनके पति मजबूत इरादों वाले व्यक्ति हैं। उन्होंने बताया कि वो हर दिन उनसे फोन पर बात करते थे। लेकिन घटना वाले दिन उनकी पति से बात नहीं हो पाई जिससे उन्हें कुछ अनहोनी का अंदेशा हो गया था। कंट्रोल रूप पर फोन करने पर पता चला कि आतंकियों से मुठभेड़ में वो घायल हो गए हैं।
आपको बता दें कि 14 फरवरी को चीता आतंकवादियों से हुई मुठभेड़ में घायल हो गए थे। जबकि इस मुठभेड़ में 3 जवान शहीद हुए थे। इलाके में आतंकवादियों को पकड़ने के लिए सर्च अभियान चलाया गया था जिसकी अगुवाई चीता ही कर रहे थे। आतंकवादियों के इलाके पर सर्च टीम के पहुंचते ही आतंकवादियों ने उन पर गोलियां चलानी शुरू कर दी थी जिसमें चीता को 9 गोलियां लगी थीं। इस हमले में चीता ने अबू हारिस नाम के आतंकी को मौत के घाट उतार दिया था।