चेन्नई से जुड़े एक टेक उद्यमी और एक अरबों डॉलर की सॉफ्टवेयर कंपनी रिपलिंग के सह-संस्थापक प्रसन्ना शंकर ने चेन्नई पुलिस और पत्नी पर उसे परेशान करने का आरोप लगाया। उसने कहा कि उसकी पत्नी ने उसके खिलाफ झूठी शिकायत दी है। हालांकि, पुलिस ने इन दावों को निराधार बताया है। प्रसन्ना और उनकी पत्नी के बीच नौ वर्षीय बेटे पर हक को लेकर विवाद चल रहा है, जिसमें अब पुलिस भी शामिल हो गई है।
प्रसन्न ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि चेन्नई पुलिस के एक सहायक आयुक्त और सब-इंस्पेक्टर ने उनके दोस्त गोकुल को रिहा करने के लिए 25 लाख रुपये की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने गोकुल को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में लिया है। वहीं, पत्नी का आरोप है कि 3 मार्च को प्रसन्न के मैनेजर गोकुल ने उनके बेटे को उनसे छीन लिया, जिसके बाद से बच्चा लापता है। पुलिस ने बताया कि गोकुल को रविवार को रिहा कर दिया गया था।
यह है मामला
प्रसन्ना ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, उनकी पत्नी अमेरिकी नागरिक हैं। दोनों के बीच तलाक की प्रक्रिया चल रही है। हम अपने बेटे की कस्टडी मिलकर साझा कर रहे हैं। मेरी पत्नी ने पूरी सहमति से बच्चे को मेरे दोस्त गोकुल को सौंप दिया था। उसने बच्चें को मुझे सौंप गया। हालांकि, बाद में मेरी पत्नी ने झूठी शिकायत दर्ज कराई कि मेरे दोस्त ने मेरे बेटे का अपहरण कर लिया है और मैं उसे मार सकता हूं।
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वहीं दूसरी ओर उद्यमी की पत्नी ने मीडिया को बताया कि तीन मार्च को मेरे बेटे को मेरे पति के मैनेजर गोकुल ने ले लिया था और वह अब तक मुझे वापस नहीं मिला। मैं जानना चाहती हूं कि वह कहां है? इस आरोप पर प्रसन्ना शंकर ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, मेरी पत्नी और बेटा दोनों अमेरिकी नागरिक हैं और तीन हफ्ते पहले भारत आए थे। मेरी पत्नी और मैं तलाक की प्रक्रिया में हैं और हम बच्चे की संयुक्त कस्टडी साझा कर रहे हैं। मेरी पत्नी ने अपनी मर्जी से हमारे बेटे को मेरे दोस्त गोकुल को सौंपा। लेकिन बाद में, मेरी पत्नी ने झूठी शिकायत दर्ज कराई कि मेरे दोस्त ने मेरे बेटे का अपहरण कर लिया और मैं उसे मार सकता हूं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके वकील ने उनकी मर्जी के खिलाफ पुलिस को 2 लाख रुपये दिए ताकि मामला संभाला जा सके।
वीडियो में बेटे के साथ दिखे प्रसन्ना
इससे पहले प्रसन्ना ने अपने बेटे के साथ एक वीडियो साझा किया था। जिसमें उन्होंने दावा किया कि उनका बेटा उनके साथ खुश है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चेन्नई पुलिस ने उनके दोस्त को अवैध रूप से हिरासत में रखा और उसे उनकी (प्रसन्ना की) जानकारी साझा करने के लिए मजबूर किया। हालांकि, पुलिस का कहना है कि गोकुल को 23 मार्च की दोपहर को रिहा कर दिया गया था।