न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी और न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी की पीठ ने कहा, उड़ीसा सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1992 के तहत एक सेवानिवृत्त कर्मचारी के खिलाफ तय समय के बाद विभागीय कार्रवाई शुरू नहीं की जा सकती है।
ओडिशा में प्रभारियों के चयन की प्रक्रिया में अनियमितताओं के लिए विभागीय कार्यवाही का सामना कर रहीं सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारी सुष्मिता मिश्रा के खिलाफ चार्जशीट को खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उनके सभी सेवानिवृत्ति लाभों को बहाल कर दिया।
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न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी और न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी की पीठ ने कहा, उड़ीसा सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1992 के तहत एक सेवानिवृत्त कर्मचारी के खिलाफ तय समय के बाद विभागीय कार्रवाई शुरू नहीं की जा सकती है। कर्मचारी के खिलाफ जिस मामले को लेकर वाद दायर किया है, वह अवधि उसके संबंधित कार्यकाल के चार वर्ष तक की होनी चाहिए। वैधानिक समय चार साल के बाद उसके खिलाफ विभागीय जांच करना उचित नहीं है।
शराब घोटाला : सुप्रीम कोर्ट ने ईडी को जारी किया नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को छत्तीसगढ़ में 2000 करोड़ के शराब घोटाले के मामले में प्रवर्तन मामले की सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) को चुनौती देने वाली याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को नोटिस जारी किया।
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जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की पीठ ने पिंकी सिंह की ओर से दायर एक याचिका पर ईडी को नोटिस जारी किया। याचिकाकर्ता ने मामले में एजेंसी की ओर से कोई कठोर कदम नहीं उठाने की मांग की है। मामले को 29 मई 2023 को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है। ईडी शराब घोटाले की जांच कर रहा है, जो 2019 से 2022 के बीच चला था, जिसमें कई तरीकों से भ्रष्टाचार किया गया था। ईडी के मुताबिक, शराब घोटाले केस में अनवर ढेबर, नितेश पुरोहित और ढिल्लो के अलावा आबकारी विभाग के ऑफिसर एपी त्रिपाठी को पकड़ा गया था, जो ईडी की हिरासत में हैं। ईडी ने इस मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया है।