जल्द ही चार धाम यात्रा के आधार कैंप कर्णप्रयाग तक श्रद्धालु रेल मार्ग के जरिए पहुंच सकेंगे। रेल मंत्रालय ने उत्तराखंड में तैयार हो रहे 125 किलोमीटर लंबे ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल ट्रैक के निर्माण की गति बढ़ा दी है।
इस ट्रैक पर 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन दौड़ेगी। दूसरे चरण में रेलवे गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ तक भी रेलवे ट्रैक तैयार करेगा। इसके सर्वेक्षण का काम इसी वित्तीय वर्ष में पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद 327 किलोमीटर रेल ट्रैक दुर्गम पहाड़ियों में बिछाया जाएगा।
रेल रूट तैयार होने के बाद ऋषिकेश-कर्णप्रयाग की दूरी महज डेढ़ से दो घंटे में पूरी हो जाएगी। शुरुआत में इस रूट पर डीजल इंजन से ट्रेन चलेगी। बाद में पर्यावरण के मद्देनजर बिजली के इंजन से ट्रेन चलाई जाएंगी। जिससे ट्रेनों की रफ्तार और तेज हो जाएगी।
वंदे भारत एक्सप्रेस की तरह सेल्फ प्रोपेल्ड ट्रेन सेट भी इस रूट पर चलाई जा सकेंगी। उधर, चार धाम की यात्रा के लिए अभी श्रद्धालुओं को करीब 15 दिन लग जाते है। रेल मार्ग बन जाने से दुर्गम इलाकों की जगह रेल मार्ग से यह यात्रा महज तीन-चार दिनों की रह जाएगी।