- चांद के दक्षिणी ध्रुव की पथरीली जमीन, जिससे टकराकर क्षतिग्रस्त हो गया हो
- तेज सौर हवाएं, जिसके चलते विक्रम मार्ग से भटककर किसी चट्टान से टकराया हो
- मुख्य इंजन में गड़बड़ी आ गई हो, जिससे उतरने के लिए जरूरी ऊर्जा न मिली हो
- विक्रम का अपने रफ्तार पर काबू पाने वाले उपकरणों पर नियंत्रण खो गया हो
- ज्यादा तेज गति से लैंडिंग के चक्कर में धूल का बवंडर, जिससे विक्रम का इंजन खराब हो गया हो
आखिर कैसे पता लगाने की हो रही कोशिश
चांद की कक्षा में घूम रहे ऑर्बिटर की मदद से विक्रम की तस्वीर और उसकी लोकेशन का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। वैज्ञानिक विक्रम के फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर के आंकड़ों से ये पता करने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर 2.1 किमी की ऊंचाई पर क्यों वह अपने रास्ते से भटक गया। फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर किसी विमान के ब्लैक बॉक्स जैसा ही यंत्र होता है।