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सूचना एवं प्रसारण सचिव बोले: आईएएस कैडर नियमों में बदलाव से केंद्र को अधिकारियों की कमी से निपटने में मदद मिलेगी

Mon, 24 Jan 2022 07:33 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्र सरकार की ओर से दिए गए आईएएस कैडर नियमों में संशोधन के प्रस्ताव का कई राज्यों की ओर से विरोध जताए जाने के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव अपूर्व चंद्रा ने रविवार को फिर इसका समर्थन किया।
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सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव अपूर्व चंद्रा - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) कैडर नियमों में संशोधन के प्रस्तावों को लेकर उठे विवाद के बीच सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव अपूर्व चंद्रा ने इसका समर्थन किया है। चंद्रा ने सोमवार को कहा कि इन नियमों में बदलाव लाने का विचार इस बात पर आधारित है कि केंद्र सरकार को और अधिक अधिकारी मिल सकें। वर्तमान में केंद्र के पास 40 फीसदी जरूरत के मुकाबले केवल 18 फीसदी नियुक्तियां हैं। 

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अपूर्व चंद्रा ने यह भी कहा कि साल 2014 में अधिकारियों की नियुक्ति 25 फीसदी थी लेकिन अब इसमें कमी आई है। इस तरह के बदलाव की आवश्यकता पर जोर देते हुए चंद्रा ने कहा कि यह सेवाएं देश में शासन और नीतियों की रीढ़ हैं। उन्होंने कहा, केंद्र की भूमिका नीतियों का निर्माण करना है और साथ ही यह सुनिश्चित करना भी है कि योजनाओं को लागू किया जाए और राज्य इस काम में अपनी भूमिका अदा करें।

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नियमों में बदलाव को लेकर इसलिए है जल्दी
इस सवाल पर कि इन बदलावों को लागू करने की इतनी जल्दी क्यों है, सचिव ने कहा कि यह एक आपात स्थिति है। अधिकारियों की संख्या कम होने से केंद्र सरकार के प्रशासनिक ढांचा कमजोर होता है। उन्होंने कहा कि इस संख्या में 2014 से अब तक अच्छी-खासी कमी आई है। मेरे पास केंद्र और राज्य दोनों स्थानों पर काम करने का अनुभव है और मैं समझता हूं कि इन बदलावों को लागू करने से मदद मिलेगी। 

इससे पहले शुक्रवार को भी इन नियमों में बदलाव का बचाव करते हुए चंद्रा ने कहा था कि केंद्र और राज्य सरकारों के साथ काम करने से न केवल अधिकारियों का नजरिया बदलता है बल्कि अखिल भारतीय सेवा का उद्देश्य भी सिद्ध होता है। उन्होंने कहा था कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की नियुक्ति हमेशा राज्यों में नहीं हो सकती है, क्योंकि यह न तो सेवा और न ही अधिकारियों के लिए ही अच्छा होगा।
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राज्यों ने किया है प्रस्तावित संशोधनों का विरोध
कई राज्य केंद्र सरकार से नियमों में संशोधनों के प्रस्ताव को टालने की मांग कर चुके हैं। रविवार को केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिख कर यह मांग उठाई थी। उन्होंने कहा था कि ये संशोधन सहकारी संघवाद को कमजोर कर सकते हैं। इसके अलावा राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी इन संशोधनों का विरोध किया है।
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