पश्चिम बंगाल की वित्त राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सोमवार सुबह चुनाव आयोग की पूरी टीम के साथ तृणमूल कांग्रेस के नेताओं की एक बैठक हुई थी। चंद्रिमा भट्टाचार्य भी इस दल का हिस्सा थीं। बैठक से बाहर आने के बाद उन्होंने मीडिया को बताया कि बातचीत के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ने उनके साथ बहुत बुरा बर्ताव किया।
क्या बोलीं मंत्री?
चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा, 'मैं एक महिला हूं, लेकिन फिर भी उन्होंने मुझसे कहा कि चिल्लाओ मत। मुख्य चुनाव आयुक्त में महिलाओं के प्रति सम्मान की बुनियादी भावना भी नहीं है।' उन्होंने आगे आरोप लगाया कि इसी मानसिकता की वजह से कई महिला मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। मंत्री ने सवाल उठाया कि अगर किसी का नाम लिस्ट से हट जाता है, तो उसे खुद को असली मतदाता साबित करने के लिए लाइन में क्यों खड़ा होना पड़ता है? उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि महिलाओं पर चिल्लाना या उनके साथ बुरा व्यवहार करना चुनाव आयुक्त के काम का हिस्सा नहीं है।
बैठक में पश्चिम बंगाल में चल रहे 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (एसआईआर) के मुद्दे पर भी बात होनी थी। मंत्री ने बताया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने इस विषय पर चर्चा करने से साफ मना कर दिया। उन्होंने तर्क दिया कि यह मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में है, इसलिए इस पर बात नहीं हो सकती। इस पर चंद्रिमा भट्टाचार्य ने नाराजगी जताते हुए पूछा कि जब इस मुद्दे पर बात ही नहीं करनी थी, तो उन्हें बैठक के लिए क्यों बुलाया गया? उन्होंने कहा कि आम जनता की भलाई के लिए सुप्रीम कोर्ट जाना कोई अपराध नहीं है।
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कोलकाता के मेयर ने भाजपा को घेरा
इस बैठक में कोलकाता के मेयर और मंत्री फिरहाद हकीम भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि भाजपा यह गलतफहमी फैला रही है कि बंगाल में घुसपैठियों की बाढ़ आ गई है। उन्होंने सवाल किया कि क्या पिछले दो महीनों की जांच में आयोग को भाजपा के दावों का कोई सबूत मिला? हकीम ने आरोप लगाया कि जांच के नाम पर बेकसूर लोगों को परेशान किया गया। उन्होंने मांग की कि किसी भी असली मतदाता का नाम लिस्ट से बाहर नहीं होना चाहिए।
चुनाव आयोग ने क्या कहा?
दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने बताया कि सभी राजनीतिक दलों ने चुनाव के दौरान हिंसा रोकने और मतदाताओं को सुरक्षा देने की अपील की है। ज्यादातर दलों ने बंगाल में एक या दो चरणों में ही चुनाव कराने की मांग की है। मुख्य चुनाव आयुक्त ने भरोसा दिलाया कि चुनाव पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष होंगे। उन्होंने कहा कि आयोग हिंसा को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा और कानून के मुताबिक ही काम करेगा।
विपक्ष ने किया पलटवार
वही इस सबके बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को दिखाए गए काले झंडों पर पश्चिम बंगाल के विपक्ष के सांसद सुवेंदु अधिकारी ने कहा, 'यह ममता बनर्जी द्वारा बांग्लादेशी मुस्लिम घुसपैठियों को संरक्षण देने के लिए किए जा रहे धरने का हिस्सा है। पश्चिम बंगाल में संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई कोई नई बात नहीं है।'
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