भारतीय अंतरिक्ष शोध अनुसंधान (इसरो) जल्द ही एक और कीर्तिमान रचने जा रहा है। इसरो अपना चंद्रयान-2 जल्द रवाना करेगा, जिसकी मदद से चांद के रहस्य और करीब से जानने में मदद मिलेगी। दिलचस्प बात है कि ऐसा पहली बार होगा जब भारत का चंद्रयान 2 चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास उतरेगा।
इसरो के चीफ एएस किरण कुमार का कहना है कि उनकी ओर से लैंडिंग के लिए दो जगह चुनी गई हैं, जिनमें से एक पर मुहर लगेगी। साथ ही इससे पहले इन इलाकों में कोई मिशन नहीं किया गया।
चंद्रयान-2 को तमिलनाडु में इसरो के केंद्र लिक्विड प्रोपल्सन सिस्टम सेंटर (एलपीएससी) से रवाना किया जाएगा। ये सेंटर महेंद्र गिरी इलाके में स्थित है। बताया जा रहा है कि चंद्रयान 2 को 2018 के तीन से छह महीने से बीच मिशन पर भेजा जा सकता है।
बता दें कि भारत सरकार ने 18 सितंबर 2008 को तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में आयोजित केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस अभियान को स्वीकृति दी थी। अंतरिक्ष यान के डिजाइन को अगस्त 2009 में पूर्ण कर लिया गया।