शुक्रवार को आंध्र प्रदेश में एक साथ कई विरोध प्रदर्शन हुए। राज्य की सत्तारूढ़ तेलुगू देशम पार्टी और विपक्ष ने आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने के लिए और आंध्र प्रदेश पुर्नगठन एक्ट-2014 के तहत किए गए वादों को लागू करने के लिए रैली का आयोजन किया। इसके लिए मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने पार्टी के नेताओं के साथ मिलकर साइकिल रैली निकाली।
दूसरी ओर शुक्रवार को भी लोकसभा में एनडीए के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाया जा सका और सदन को स्थगित कर दिया गया। उधर अमरावती में चंद्रबाबू नायडू ने साइकिल रैली निकाली, जिसकी शुरुआत उनके घर से हुई थी और सभी नेता वहां से विधानसभा तक पहुंचे। टीडीपी के नेताओं ने अमरावती और नई दिल्ली में आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने के लिए विरोध प्रदर्शन किया। नायडू ने रैली निकालकर आंध्र के साथ हुए अन्याय को हाइलाइट करने की कोशिश की। नायडू के साथ साइकिल रैली में उनके साथ बेटा नारा लोकेश, पार्टी के नेता और बहुत से विधायक मौजूद थे।
साइकिल रैली का आगाज करने से पहले मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री एनटी रामाराव की मूर्ति पर माल्यार्पण किया। उन्होंने प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी के लिए कहा कि यदि वह आंध्र प्रदेश की भावनाओं के साथ खेलेंगे तो इतिहास से गायब हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा इस समय बांटों और राज करो की तरह सरकार चला रही है। अगर संसद इसी तरह बंद हो जाती है तो सांसदों को राष्ट्रपति से मुलाकात करनी चाहिए। नायडू ने साफ कहा कि बीजेपी को आंध्र प्रदेश के लोग नकार रहे हैं और वो दिन भी जल्द आएगा जब पूरा देश बीजेपी को नकार देगा।
नायडू ने कहा कि ऐसा लगता है कि केंद्र तेलुगू लोगों की ताकत को नजरअंदाज कर रही है और राज्य को कमजोर करना चाहते हैं। ऐसा कभी नहीं होगा। हर कोई जानता है कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के साथ साल 1984 में क्या हुआ था जब उन्होंने एनटीआर सरकार से टकराने की कोशिश की थी। यदि मोदी सरकार ने भी ऐसा किया तो उनके साथ भी यही होगा।