यह जांच प्लेटफॉर्म से जुड़ी उन कई दुर्घटनाओं के मद्देनजर की गई थी, जिसने सेना और भारतीय वायु सेना (आईएएफ) को अपने बेड़े को ग्राउंड करने के लिए मजबूर किया था। जिन हेलीकॉप्टरों को खड़ा किया गया था, उन्होंने सुरक्षा ऑडिट पूरा होने के बाद अपना परिचालन फिर से शुरू कर दिया।
भारतीय नौसेना, वायुसेना, थल सेना और तटरक्षक बल के पास कुल 325 से अधिक एएलएच ध्रुव हेलीकॉप्टर हैं और दुर्घटनाओं की घटनाओं के बाद उन सभी की तकनीकी जांच की गई।
सूत्रों ने बताया कि हेलीकॉप्टरों से जुड़ी हालिया घटनाओं की जांच के दौरान कुछ घटकों में डिजाइन और धातु विज्ञान के कुछ मुद्दों की संभावित खामियों के रूप में पहचान की गई है। एएलएच ध्रुव हेलीकॉप्टरों को सरकारी एयरोस्पेस कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने डिजाइन और विकसित किया है। एएलएच ध्रुव 5.5 टन वजन वर्ग में दो इंजन वाला बहुद्देश्यीय हेलीकॉप्टर है।