देश इस समय कोरोना वायरस महामारी की तीसरी लहर का सामना कर रहा है और इस दौरान कोरोना वायरस की जांच में ही कमी आती देखी जा रही है। इसे लेकर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है और सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इस संबंध में एक पत्र लिखा है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से लिखे गए इस पत्र में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इस मामले पर तुरंत ध्यान देने और रणनीतिक तरीके से कोरोना जांच की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया है। पत्र में कहा गया है कि महामारी के प्रसार के सही रिकॉर्ड लिए ऐसा करना जरूरी है।
यह पत्र स्वास्थ्य मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव आरती आहूजा ने लिखा है और कहा है कि आईसीएमआर के पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों सें पता चलता है कि देश के खई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कोरोना जांच में गिरावट आई है। इस रुख को तत्काल बदलने की जरूरत है।
एक दिन में मिले 2,38,018 संक्रमित
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, एक दिन में 2,38,018 संक्रमित मिले हैं, जबकि 1,57,421 को अस्पताल से छुट्टी दी गई। इस दौरान 310 मरीजों की मौत भी हुई। देश में 17,36,628 कोरोना मरीजों का इलाज चल रहा है, जो 230 दिन में सर्वाधिक है। दिल्ली में 11,684 संक्रमित मिले हैं। लगातार चौथे दिन नए मरीज घटे हैं। हालांकि, 38 मरीजों ने दम तोड़ दिया।
सक्रिय दर 4.62% पर : कोरोना की देश में सक्रिय दर 4.62 फीसदी है। रिकवरी दर गिरावट के साथ 94.09% है। साप्ताहिक संक्रमण दर 14.92% है।
ओमिक्रॉन में 8% वृद्धि : ओमिक्रॉन संक्रमितों का बढ़ना नहीं थम रहा। एक दिन में ही 8.31% रोगी बढ़े हैं। इस स्वरूप से संक्रमित रोगियों की संख्या 8891 तक पहुंच गई है।
ओमिक्रॉन पर नसीहत
स्वास्थ्य मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव आरती आहूजा ने राज्यों को लिखे पत्र में कहा, पूरे देश में ओमिक्रॉन फैल रहा है। इसे रोकने में संक्रमित की जांच अहम है। आईसीएमआर द्वारा जारी परामर्शों का मकसद मरीजों का शीघ्र पता लगाना और जल्द पृथकवास है। उच्च जोखिम वाले व संवेदनशील लोगों में बीमारी को गंभीर होने से रणनीतिक जांच के जरिये ही रोका जा सकता है।
50 लाख को मिली एहतियाती खुराक
17 जनवरी तक स्वास्थ्यकर्मी, फ्रंटलाइन वर्कर और बीमार बुजुर्गों को देश में 50 लाख से ज्यादा एहतियाती खुराक दी गई है। अब तक कुल टीकाकरण 158 करोड़ हुआ है। 66.31 करोड़ वयस्क आबादी टीकाकरण पूरा कर चुकी है।
स्टेरॉयड से बचें, खांसी पर टीबी की जांच कराएं
सरकार ने संक्रमितों के इलाज में स्टेरॉयडयुक्त दवाओं के इस्तेमाल से बचने की सलाह दी है। लगातार खांसी की शिकायत पर रोगी की टीबी जांच कराने के लिए भी कहा है। अगर दो से तीन सप्ताह तक खांसी रहती है, तो टीबी या अन्य जरूरी चिकित्सीय जांच कराई जानी चाहिए। कोरोना के हल्के, मध्यम और गंभीर लक्षणों के लिए अलग-अलग दवाएं हैं।
-मसूरी स्थित आईएएस अकादमी में 85 प्रशिक्षु अधिकारी और अन्य संक्रमित मिले हैं। सभी हॉस्टल में ही आइसोलेट हैं।