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Tur Dal Prices: अरहर दाल की कीमतों में उछाल, केंद्र ने सभी राज्यों को जारी किए अहम निर्देश

Fri, 12 Aug 2022 07:25 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

निर्देश में कहा गया है कि ऐसी खबरें हैं कि स्टॉकिस्ट और व्यापारियों के कुछ वर्ग कीमतों को बढ़ाने के लिए कृत्रिम कमी पैदा करने के प्रयास में प्रतिबंधित बिक्री का सहारा ले रहे हैं।
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अरहर दाल की कीमतों में वृद्धि - फोटो : iStock
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विस्तार
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अरहर दाल की कीमतों में वृद्धि के साथ केंद्र ने शुक्रवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि स्टॉकिस्ट और व्यापारी अपने पास रखी अरहर दाल की मात्रा का खुलासा करें। यह निर्देश उन रिपोर्ट के बीच आया है कि कृत्रिम कमी पैदा करने के लिए अरहर दाल की बिक्री को प्रतिबंधित किया जा रहा है। केंद्र दालों की कीमतों पर करीब से नजर रखे हुए है। वर्तमान में इसके पास बफर स्टॉक में 38 लाख टन दालें हैं और इसे घरेलू आपूर्ति को बढ़ावा देने के लिए जारी किया जा रहा है।

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राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को स्टॉक की निगरानी के निर्देश 
शुक्रवार को उपभोक्ता मामलों के विभाग ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3 (2) (एच) और 3 (2) (i) के तहत तूर के व्यापारियों द्वारा स्टॉक की जानकारी को लागू करने का निर्देश जारी किया। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को स्टॉक की निगरानी और सत्यापन करने के लिए भी कहा गया है। इसके अलावा एक आधिकारिक बयान के अनुसार, उन्हें स्टॉकहोल्डर संस्थाओं को विभाग के ऑनलाइन निगरानी पोर्टल पर साप्ताहिक आधार पर अपने स्टॉक का डेटा अपलोड करने के लिए निर्देशित करने के लिए कहा गया है। इसमें कहा गया है, ऐसी खबरें हैं कि स्टॉकिस्ट और व्यापारियों के कुछ वर्ग कीमतों को बढ़ाने के लिए कृत्रिम कमी पैदा करने के प्रयास में प्रतिबंधित बिक्री का सहारा ले रहे हैं।

पिछले साल की तुलना में खरीफ की बुआई में धीमी प्रगति के बाद जुलाई के दूसरे सप्ताह से अरहर दाल की खुदरा कीमतों में तेजी का रुख रहा है। कर्नाटक, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के प्रमुख तूर दाल उत्पादक राज्यों के कुछ हिस्सों में अधिक वर्षा और जल भराव की स्थिति के कारण कम बुवाई हुई है। बयान में कहा गया है, केंद्र घरेलू और विदेशी बाजारों में दालों की समग्र उपलब्धता और कीमतों पर करीब से नजर रख रहा है ताकि आगामी उच्च मांग त्योहार के महीनों में अनुचित मूल्य वृद्धि की स्थिति में आवश्यक पूर्व-कार्रवाई की जा सके। 
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केंद्र ने कहा कि घरेलू बाजार में दालों की पर्याप्त उपलब्धता है। फिर भी यह अपने 38 लाख टन के बफर स्टॉक से और दाल बाजार में आपूर्ति बढ़ाने के लिए जारी कर रहा है। इस खरीफ बुवाई सीजन के 12 अगस्त को दलहन का रकबा घटकर 122.11 लाख हेक्टेयर हो गया है, जबकि एक साल पहले की अवधि में यह 127.22 लाख हेक्टेयर था। अरहर दाल का रकबा 47.55 लाख हेक्टेयर से गिरकर 42 लाख हेक्टेयर हो गया है।

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