न्यायमूर्ति टी. एस. शिवगणनम को सोमवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया। कानून मंत्रालय के न्याय विभाग ने नियुक्ति की घोषणा करते हुए एक अधिसूचना जारी की। इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने अन्य लोगों के साथ मुख्य न्यायाधीश के रूप में कलकत्ता उच्च न्यायालय के लिए न्यायमूर्ति टीएस शिवगणनम की सिफारिश की थी।
केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री किरेन रिजिजू ने ट्विटर पर कहा कि भारत के संविधान द्वारा प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करते हुए, भारत के राष्ट्रपति, भारत के मुख्य न्यायाधीश के साथ परामर्श के बाद, कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में कलकत्ता उच्च न्यायालय के वरिष्ठतम न्यायाधीश न्यायमूर्ति टीएस शिवगणनम को नियुक्त करते हैं। 30 मार्च, 2023 को, केंद्रीय कानून और न्याय मंत्रालय ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में कलकत्ता उच्च न्यायालय के वरिष्ठतम न्यायाधीश न्यायमूर्ति टी.एस. शिवगणनम की नियुक्ति को अधिसूचित किया है।
उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम ने इस साल फरवरी में उनके नाम की अनुशंसा की थी, क्योंकि तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव 30 मार्च को सेवाानिवृत होने वाले थे। न्यायमूर्ति शिवगणनम मूल रूप से मद्रास उच्च न्यायालय से संबंधित हैं और अब तक कलकत्ता उच्च न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश के बाद सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश थे। उन्हें 31 मार्च 2009 को न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था और उनकी सेवानिवृत्ति की तारीख 15 सितंबर 2025 है।
न्यायमूर्ति शिवगणनम को 31 मार्च 2009 को मद्रास उच्च न्यायालय का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया था और बाद में उन्हें 29 मार्च 2011 को स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। वह मद्रास उच्च न्यायालय की कंप्यूटर समिति के अध्यक्ष हैं। उन्हें कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में स्थानांतरित किया गया और उन्होंने 25 अक्टूबर 2021 को शपथ ली।