दार्जिलिंग में जारी हिंसा से चिंतित केंद्र सरकार की हालात पर पैनी नजर है। केंद्र ने कहा है कि हालात को सामान्य बनाने में पश्चिम बंगाल सरकार हो हरसंभव मदद देंगे। अनिश्चितकालीन बंद के दूसरे दिन गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के समर्थकों ने पुलिस पर पथराव किया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस को भी लाठीचार्ज करना पड़ा। गोरखालैंड समर्थक सरकारी दफ्तरों को जबरन बंद कराते देखे गए। इलाके में फंसे पर्यटकों की बसों को सेना के पहरे में मैदानी इलाके में पहुंचाया जा रहा है।
इस बीच, इलाके की चाय बागान यूनियनों ने भी मंगलवार से दो दिन की हड़ताल बुलाई है। गोरखा जनमुक्ति मोर्चा ने इस हड़ताल का समर्थन किया है। पुलिस प्रशासन ने एहतियात के तौर पर इलाके के तमाम सरकारी दफ्तरों के सामने बैरिकेड लगा दिए हैं। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जबरन बंद कराने का प्रयास कर रहे मोर्चा के समर्थकों ने पुलिस टीम पर पथराव किया। बाद में उनको तितर-बितर करने के लिए कुछ जगहों पर लाठीचार्ज करना पड़ा।
उधर मोर्चा के नेताओं ने पुलिस वालों पर शांतिपूर्ण तरीके से निकली रैली पर बिना किसी उकसावे के लाठी चार्ज करने का आरोप लगाया है। मोर्चा के महासचिव रोशन गिरि ने कहा कि पुलिस ने बिना वजह लाठीचार्ज किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हमारे खिलाफ जितना बल प्रयोग करेगी, अलग गोरखालैंड राज्य की मांग में आंदोलन उतना ही तेज होगा।