एक किफायती घर के लिए कितनी क्षेत्रफल होना चाहिए इस पर चर्चा काफी समय से चल रही है, लेकिन अब सरकार ने किफायती घर का आधिकारिक क्षेत्रफल तय किया है। सरकार के मुतबाकि एक घर जिसका तल क्षेत्रफल 60 वर्ग मीटर ( 645 वर्ग फुट तल क्षेत्रफल) से ज्यादा नहीं होगा वे किफायती घर होगा।
पिछले महीने केंद्रीय वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग ने एक अधिसूचना जारी की थी जिसमें सोशल एंड कमर्शियल इन्फ्रास्ट्रक्चर कैटेगरी के भीतर एक नए उप-क्षेत्र के रूप में किफायती आवास शामिल है।
अधिसूचना के अनुसार किफायती आवास को एक आवासीय प्रोजेक्ट के रूप में परिभाषित किया गया है, जिसमें कम-से-कम 50% फ्लोर स्पेस इंडेक्स (एफएसआई) निवास इकाइयों के लिए 60 वर्ग मीटर तल क्षेत्रफल से ज्यादा इस्तेमाल नहीं होता है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, हाउसिंग एक्सपर्ट्स कहते हैं कि मुंबई और दिल्ली जैसे शहरों में 'किफायती घर' केवल मिथ्या हैं। इन शहरों में प्रॉपर्टी की कीमतें देश के अन्य जगहों से अधिक हैं। हाउसिंग एक्टिविस्ट चंद्रशेखर प्रभु ने बताया कि मकान का आकार किफायती आवास को परिभाषित नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि इसके लिए अपार्टमेंट के क्षेत्रफल के बजाए व्यक्ति की आमदनी है का मानदंड होना चाहिए।