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Rajya Sabha: 'निकाय चुनावों में OBC के लिए आरक्षण बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं', राज्यसभा में सरकार

Wed, 06 Dec 2023 03:32 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री कपिल मोरेश्वर पाटिल ने कहा कि ओबीसी को संविधान के अनुच्छेद 243डी के तहत एक तिहाई आरक्षण प्रदान किया जाता है। उन्होंने आगे कहा कि हालांकि 21 राज्य सरकारों ने आरक्षण को 50 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है। 
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कपिल मोरेश्वर पाटिल - फोटो : सोशल मीडिया
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केंद्र ने बुधवार को राज्यसभा को सूचित किया कि स्थानीय निकाय चुनावों में जनसंख्या के अनुसार अन्य पिछड़ी जातियों (ओबीसी) के लिए आरक्षण बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। 

हमारे सामने ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं
केंद्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री कपिल मोरेश्वर पाटिल ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान कहा कि ओबीसी को संविधान के अनुच्छेद 243डी के तहत एक तिहाई आरक्षण प्रदान किया जाता है। उन्होंने आगे कहा कि हालांकि 21 राज्य सरकारों ने आरक्षण को 50 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है। सदस्य ने स्थानीय निकाय चुनावों में आबादी के अनुसार ओबीसी के लिए आरक्षण बढ़ाने की मांग की है। हमारे सामने ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है। 
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महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण
पाटिल ने कहा कि स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण है। इस कोटे के तहत ओबीसी, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति को समायोजित करने का प्रावधान है। जबकि राज्य सरकारों को ओबीसी के लिए आरक्षण प्रदान करने का अधिकार है। 

महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव नहीं हो सके 
केंद्रीय मंत्री ने एक अन्य पूरक प्रश्न के उत्तर में कहा, 'इस विषय पर राज्यों को अपने स्तर पर फैसला करना चाहिए।' उन्होंने कहा कि ओबीसी कोटा विवाद के कारण महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव नहीं हो सके। उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि आंकड़ों के बिना आरक्षण को 50 प्रतिशत से अधिक नहीं बढ़ाया जा सकता है।

नेताओं को सशक्त बनाने के लिए कई प्रयास किए 
स्थानीय निकायों में महिला आरक्षण के बारे में पाटिल ने कहा कि केंद्र ने निर्वाचित महिला पंचायत नेताओं को सशक्त बनाने के लिए कई प्रयास किए हैं, जिसमें उन्हें छह महीने का प्रशिक्षण प्रदान करना शामिल है। उन्होंने कहा कि शासन प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। मंत्री वाईएसआरसीपी सांसद रयागा कृष्णैया, डीएमके के पी विल्सन और एनसीपी नेता वंदना चव्हाण द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब दे रहे थे। 

पीएम-जनमान इस साल से लागू
एक अन्य सवाल के जवाब में जनजातीय मामलों के मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि आदिवासी कल्याण पहल के लिए 24,000 करोड़ रुपये के बजट परिव्यय के साथ प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम-जनमान) इस साल से लागू किया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि यह आदिवासी समुदाय के विकास को लक्षित करने वाली सबसे बड़ी केंद्रीय योजनाओं में से एक है और इसका उद्देश्य विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) का उत्थान करना है।

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