केंद्र सरकार ने रविवार (04 जनवरी) को डीप-टेक स्टार्टअप्स (गहन तकनीकी स्टार्टअप्स) को डिपार्टमेंट ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (डीएसआईआर) से वित्तीय मदद लेने के नियमों में ढील दी है। केंद्र सरकार ने वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए डीप-टेक स्टार्टअप्स के लिए तीन साल की शर्त को हटा दिया है।
डीएसआईआर के 42वें स्थापना दिवस समारोह में केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने विभाग के औद्योगिक अनुसंधान और विकास प्रोत्साहन कार्यक्रम (आईआरडीपीपी) के तहत 1 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए डीप-टेक स्टार्टअप्स के लिए तीन साल की व्यवहार्यता मानदंड को हटाने की घोषणा की है।
पूरे देश में अभूतपूर्व उत्साह: सिंह
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हालांकि 1 लाख करोड़ रुपये के अनुसंधान, विकास और नवाचार (आरडीआई) कोष ने पूरे देश में अभूतपूर्व उत्साह पैदा किया है, लेकिन इसे उन स्टार्टअप्स को समर्थन देने के लिए डिजाइन किया गया है, जिन्होंने तकनीकी परिपक्वता का एक निश्चित स्तर हासिल कर लिया है।