फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देश को लॉकडाउन से बाहर निकालने के लिए केंद्र सरकार उठा सकती है ये कदम

Fri, 29 May 2020 11:45 AM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
कोरोना वायरस - फोटो : PTI
विज्ञापन

कोरोना वायरस के चलते लगाए गए लॉकडाउन से देश को धीरे-धीरे बाहर निकालने के लिए शीर्ष स्तर पर चर्चा जारी है। कोविड-19 से सबसे ज्यादा प्रभावित पांच राज्यों और 13 शहरों पर लगातार नजर बनाए रखना, सात राज्यों में लौट रहे प्रवासियों की निगरानी करना और कंटेनमेंट जोन में कड़े नियम लागू करना, ये कुछ व्यापक तरीके हो सकते हैं जिनकी मदद से भारत को लॉकडाउन से बाहर निकाला जा सके।

विज्ञापन


केंद्रीय कैबिनेट सचिव राजीव गौबा और राज्यों के साथ गुरुवार को हुई बैठक में इन तीन मुद्दों पर चर्चा की गई। इस बैठक से जुड़े लोगों ने नाम न बताने की शर्त पर इस बात की जानकारी दी। इस बैठक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सचिव और वायरस से बुरी तरह प्रभावित 13 शहरों के जिलाधिकारी और कमिश्नर शामिल हुए। 

गृह और स्वास्थ्य मंत्रालयों और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के बीच लॉकडाउन से बाहर निकलने के लिए अगले चरण पर आंतरिक चर्चा की गई। बैठक में केंद्र ने कहा कि राज्यों की दो श्रेणियों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसमें पहला, वो राज्य जहां पिछले ढाई महीनों में बड़ी संख्या में कोविड-19 मामले सामने आए हैं और दूसरा, वो राज्य जहां प्रवासी मजदूर बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। 
विज्ञापन


महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात, दिल्ली और तमिलनाडु पहली श्रेणी में आते हैं, जबकि बिहार, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और झारखंड दूसरी श्रेणी में आते हैं। मध्यप्रदेश का आर्थिक शहर इंदौर कोरोना वायरस का शुरुआती हॉटस्पॉट बनकर उभरा। उसे भी पहली श्रेणी में शामिल किए जाने की संभावना है। 

लॉकडाउन का चौथा चरण 31 मई को समाप्त हो रहा है। हालांकि, जब तीन मई को लॉकडाउन का दूसरा चरण समाप्त हुआ और तीसरे चरण की शुरुआत हुई तो सरकार ने प्रतिबंधों में कुछ रियायतें दी थीं। 

भारत धीरे-धीरे लॉकडाउन से बाहर निकलने की तरफ बढ़ रहा है। केंद्र सरकार ने राज्यों से कहा है कि वे नगरपालिकाओं के भीतर छोटे क्षेत्रों को कंटेनमेंट जोन के रूप में चिह्नित कर सकते हैं। राज्यों को ऐसे क्षेत्रों को उचित रूप से सीमांकन करने के लिए भी कहा गया है और सख्ती बरतनें का भी निर्देश दिया गया है।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि नगर निगम आवासीय कॉलोनी, मोहल्लों, नगरपालिका वार्डों या पुलिस-स्टेशन क्षेत्र, नगरपालिका क्षेत्रों, नगरों को कंटेनमेंट जोन के रूप में नामित कर सकता है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें