केंद्र सरकार ने आर्म्ड फोर्सेस स्पेशल पावर एक्ट (आफ्सपा) के तहत पूरे असम को अशांत क्षेत्र घोषित कर दिया है। साथ ही उल्फा, एनडीएफबी सहित अन्य विद्रोही संगठनों द्वारा चलाई जा रही हिंसक गतिविधियों को देखते हुए राज्य में और तीन महीने के लिए आफ्सपा लागू कर दिया है। इसके अलावा अरुणाचल के कुछ इलाकों को भी अशांत क्षेत्र घोषित किया है।
गृह मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर पूरे असम को अशांत क्षेत्र घोषित कर दिया है। राज्य में 3 मई से आफ्सपा कानून को बढ़ा दिया गया है। गृह मंत्रालय के मुताबिक असम में 2016 में हिंसा की 75 वारदात हुईं, जिनमें चार सुरक्षा कर्मियों सहित 33 लोगों की जान चली गई और 14 लोगों को अगवा कर लिया गया था। इसके अलावा वर्ष 2017 में राज्य में हिंसा की 9 वारदात में सुरक्षा बलों के दो जवानों सहित चार लोगों की मौत हो चुकी है। असम में 1990 से आर्म्ड फोर्सेस स्पेशल पावर एक्ट लागू है।
एक अन्य अधिसूचना में गृह मंत्रालय ने अरुणाचल प्रदेश के तीन जिलों तिराप, चांगलांग और लॉंगडिंग के अलावा असम की सीमा से लगते 16 पुलिस थानों में पड़ने वाले इलाकों को भी अशांत क्षेत्र घोषित किया है। इन जगहों पर भी तीन महीनों के लिए आफ्सपा को बढ़ा दिया गया है। मंत्रालय का कहना है कि विद्रोही संगठनों एनएससीएन(आईएम), एनएससीएन(के), उल्फा, एनडीएफबी सहित अन्य संगठनों द्वारा हिंसा फैलाने के कारण 4 मई के बाद भी इस कानून को बढ़ा दिया गया है।