'मतुआ समुदाय का दोस्त होने का दावा करती है भाजपा'
उन्होंने कहा, सीएए के नाम पर वे (केंद्र) लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। हम लंबे समय से मतुआ समुदाय का ख्याल रख रहे हैं, लेकिन जब चुनाव नजदीक आते हैं तो भाजपा उनके पास जाती है और दावा करती है कि वे उनके मित्र हैं।
1950 के दशक में पूर्वी पाकिस्तान से किया था पलायन
मूल रूप से पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) के रहने वाले मतुआ समुदाय ने 1950 के दशक में पश्चिम बंगाल में पलायन शुरू कर दिया था। इनमें से अधिकांश ने धार्मिक उत्पीड़न के कारण पलायन किया था। सीएए अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के प्रवासियों को नागरिकता देने की सुविधा प्रदान करता है। लेकिन अधिनियम के तहत नियम अभी तक सरकार द्वारा तैयार नहीं किए गए हैं, इसलिए अब तक किसी को भी इसके तहत नागरिकता नहीं दी जा सकी है।
केंद्र पर लगाया राज्य का बकाया न जारी करने का आरोप
बनर्जी ने यहां एक सरकारी कार्यक्रम में कहा में भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर राज्य का बकाया जारी न करने का भी आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने कहा, आप (केंद्र) पर बंगाल का एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है, हमें हमारा बकाया दीजिए। बनर्जी ने इससे पहले आरोप लगाया था कि केंद्र महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के लिए धन जारी नहीं कर रहा है।
नदी का कटाव बड़ी चुनौती, केंद्र अब नहीं ले रहा सुध: मुख्यमंत्री
पश्चिम बंगाल के मालदा और मुर्शिदाबाद जिलों में नदी के कटाव का जिक्र करते हुए बनर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार ने इस मामले को देखना बंद कर दिया है। हमारी सबसे बड़ी चुनौती अब नदी के कटाव को रोकना है। केंद्र अब इसकी सुध नहीं ले रहा है। हमें उनसे 31 करोड़ रुपये मिलने चाहिए।