चालू वित्त वर्ष 2016-17 में एक लाख परिवार को खाना पकाने के लिए बॉयो गैस मुहैया कराई जाएगी। इससे 21,90000 एलपीजी सिलेंडर की बचत होगी। खाना पकाने के लिए एक लाख घरों को बॉयो गैस मुहैया कराने का लक्ष्य नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) ने तय किया है और इस पर अमल राज्य सरकार करेगी।
बॉयो गैस बनाने के क्रम में 21 लाख से अधिक एलपीजी सिलेंडर की बचत के साथ खेतों के लिए प्रोसेस्ड खाद भी उपलब्ध होंगे जिससे खेतों में रसायनिक खाद के इस्तेमाल में कमी आएगी। मंत्रालय के अनुमान के मुताबिक एक लाख घरों में बॉयो गैस के इस्तेमाल की वजह से लगभग 10000 टन यूरिया की बचत होगी।
एमएनआरई के मुताबिक एक लाख घरों में खाना पकाने के लिए बॉयो गैस के इस्तेमाल से पर्यावरण को 4.5 लाख टन कार्बन डायक्साइड तो 2.5 लाख टन मिथेन की मिलावट से बचाया जा सकेगा।
खाना पकाने के लिए बॉयो गैस के इस्तेमाल के लिए एमएनआईई नेशनल बॉयोगैस एंड मैन्योर मैनेजमेंट प्रोग्राम (एनबीएमएमपी) प्रोग्राम चला रहा है।